Kishtwar Encounter: नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा बलों और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों के बीच एक बार फिर मुठभेड़ शुरू हो गई है। 31 जनवरी 2026 की सुबह डोलगाम इलाके में चल रहे संयुक्त ऑपरेशन ‘त्राशी-I’ के तहत व्हाइट नाइट कोर, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की टीमों ने आतंकियों से दोबारा संपर्क स्थापित किया। इलाके में घेराबंदी कर ली गई है और गोलीबारी जारी है।
Kishtwar Encounter: यह ऑपरेशन 18 जनवरी से चल रहा है, जब छत्रू क्षेत्र में पहली मुठभेड़ हुई थी। उस दौरान एक पैराट्रूपर शहीद हो गया था और आठ जवान घायल हुए थे। इसके बाद 22 जनवरी और 25 जनवरी को भी आतंकियों से संपर्क हुआ, लेकिन वे घने जंगलों और भारी बर्फबारी का फायदा उठाकर भाग निकले। अधिकारियों के अनुसार, 2 से 3 पाकिस्तानी मूल के जैश-ए-मोहम्मद आतंकी अभी भी इलाके में छिपे हैं।
Kishtwar Encounter: भारी बर्फ से ढके दुर्गम पहाड़ी इलाके में ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण है। सुरक्षा बलों ने खुफिया इनपुट्स के आधार पर कार्रवाई तेज की है। 29 जनवरी को गृह विभाग ने राष्ट्र-विरोधी तत्वों के इंटरनेट दुरुपयोग की आशंका में किश्तवाड़ के कुछ इलाकों में 2G से 5G मोबाइल डेटा सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी थीं।
Kishtwar Encounter: सेना का कहना है कि सभी एजेंसियों के बीच समन्वय से ऑपरेशन चल रहा है। आतंकियों को घेरने के प्रयास जारी हैं, ताकि क्षेत्र में शांति बहाल हो सके। यह घटना जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों की निरंतरता को दर्शाती है।

