Raigarh. रायगढ़। रायगढ़ जिले में ग्रामीण विकास को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। राज्य शासन की मंशा के अनुरूप महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत विकसित युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से जिले में जीआईएस आधारित ग्राम पंचायत प्लानिंग की शुरुआत कर दी गई है। इस पहल से ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं का निर्माण, परीक्षण और अनुमोदन पूरी तरह डिजिटल एवं भू-स्थानिक तकनीक से जुड़ गया है, जिससे योजनाओं की प्रभावशीलता
और पारदर्शिता
में वृद्धि होगी।कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से कार्यस्थल पहले से चिन्हित होने के कारण भूमि विवाद समाप्त होंगे और योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचेगा। रायगढ़ जिले के सभी 7 विकासखंडों में तकनीकी अमले द्वारा तेजी से कार्य किया जा रहा है। प्रत्येक विकासखंड की सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं के माध्यम से प्रस्तावित कार्यों का अनुमोदन सुनिश्चित किया जा रहा है। योजना निर्माण में भू-स्थैतिक और गैर भू-स्थैतिक विश्लेषित कार्यों के संतुलन को विशेष महत्व दिया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप योजनाएं तैयार हो सकें। जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे ने बताया कि युक्तधारा पोर्टल में भौगोलिक योजना निर्माण, क्षेत्र उपचार योजना, पंचायत से लेकर विकासखंड स्तर तक ऑनलाइन स्वीकृति प्रक्रिया और नरेगा सॉफ्ट के साथ पूर्ण एकीकरण किया गया है। तकनीकी सहायकों की टीम क्लस्टर आधारित स्थल चयन के पश्चात ग्राउंड ट्रुथिंग कर जियो-फेंसिंग, फोटोग्राफ, मानचित्र और आवश्यक दस्तावेजों के साथ कार्यों को पोर्टल पर अपलोड कर रही है।
इस डिजिटल व्यवस्था से ग्राम पंचायत स्तर पर पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होगी, योजनाओं में अनियमितता पर प्रभावी रोक लगेगी और शासकीय धन का सही उपयोग होगा। युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायतों की सीमा या बाउंड्री भी स्पष्ट रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखाई देगी, जिससे भविष्य में भूमि संबंधी विवाद की संभावना न्यूनतम हो जाएगी। जिला प्रशासन ने तकनीकी टीमों को निर्देश दिए हैं कि परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों में इस नई व्यवस्था को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि युक्तधारा पोर्टल के सफल क्रियान्वयन से रायगढ़ जिला डिजिटल ग्रामीण विकास का आदर्श मॉडल बनकर उभरेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि जीआईएस आधारित योजना निर्माण से मनरेगा जैसे सरकारी कार्यक्रमों की प्रभावशीलता बढ़ेगी, धन का अनुचित उपयोग कम होगा और योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक पहुंचेगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्रामीण विकास की प्रक्रिया को वैज्ञानिक रूप से मॉनिटर किया जा सकेगा, जिससे योजनाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और कार्यों की समयबद्धता सुनिश्चित होगी। रायगढ़ जिले की यह पहल पूरे राज्य के लिए एक उदाहरण बनेगी, जहां तकनीक के माध्यम से पारदर्शिता, न्यायसंगत वितरण और दक्षता सुनिश्चित की जा रही है। युक्तधारा पोर्टल की सफलता ग्रामीण विकास में नई क्रांति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

