Bilaspur. बिलासपुर। थाना कोनी क्षेत्र में 3 जनवरी 2026 की शाम को ग्राम पौसरा में एक व्यक्ति झगड़ा छुड़ाने गया और उसी पर आक्रोशित आरोपियों ने धारदार और नुकीले हथियारों से हमला कर दिया। थाना कोनी पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अपराध क्रमांक 05/26 के तहत धारा 296, 115(2), 351(2), 118(1), 3(5) बीएनएस और 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
गिरफ्तार
आरोपियों में संदीप भार्गव (25 वर्ष), अमन दीप भार्गव (26 वर्ष) और अनिकेत भार्गव (20 वर्ष), सभी निवासी ग्राम पौसरा शामिल हैं।
प्रार्थी धरमलाल भार्गव ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि मोहल्ले में संदीप भार्गव और संजय सोनी के बीच झगड़ा हो रहा था। जब वह बीच-बचाव करने गया तो संदीप भार्गव ने उसे धमकाते हुए डंडे से सिर पर हमला किया। इसके बाद संदीप ने अपने भाई अमन और अनिकेत को बुलाया, जिन्होंने गाली-गलौज करते हुए लोहे की नुकीली और धारदार वस्तुओं से मारपीट की। हमले में धरमलाल के चेहरे और सिर में गंभीर चोटें आईं। इस दौरान बीच-बचाव करने आए वीरेंद्र भार्गव, ऋषि भार्गव और दीपक भार्गव को भी आरोपियों ने घायल कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया।
पुलिस ने घटना स्थल से डंडा, ब्लेड और चाकू जब्त किए। चूंकि अपराध में आर्म्स एक्ट का उल्लंघन पाया गया, इसलिए धाराएं 25 और 27 जोड़कर कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है और मामले की गहन जांच की जा रही है। थाना कोनी पुलिस ने यह भी बताया कि घटना ग्रामीण इलाकों में बढ़ती हिंसा और हथियारों के गैरकानूनी उपयोग की गंभीर चेतावनी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी झगड़े या हिंसक घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
घटना ने यह स्पष्ट किया कि झगड़ा छुड़ाने का प्रयास करना भी कभी-कभी गंभीर परिणाम ला सकता है, खासकर तब जब आरोपी आक्रोशित और हथियारों से लैस हों। पुलिस ने स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और किसी भी विवाद में हस्तक्षेप करने से पहले सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अब कानूनी प्रक्रिया तेज़ी से पूरी की जाएगी। पुलिस ने मामले में अन्य पहलुओं की जांच भी शुरू कर दी है, जिसमें यह पता लगाया जा रहा है कि घटना के पीछे किसी तरह की पूर्व योजना या साजिश तो नहीं थी। इस कार्रवाई से स्थानीय समुदाय में सुरक्षा की भावना बढ़ी है और पुलिस की सक्रियता की सराहना की जा रही है। अधिकारी यह भी स्पष्ट कर चुके हैं कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

