Janjgir-Champa. जांजगीर-चांपा। जिले के ग्राम पुटपुरा में घरेलू विवाद और जमीन बंटवारे को लेकर हुए झगड़े ने एक भाई की जान ले ली। छोटे भाई चंद्रहास टैगोर ने अपने बड़े भाई चंद्रभूषण टैगोर (28 वर्ष) पर लोहे के एंगल से हमला कर दिया, जिससे चंद्रभूषण गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आरोपी चंद्रहास टैगोर को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी जेपी गुप्ता ने जानकारी दी कि यह मामला 13 जनवरी की रात लगभग 8:30 बजे का है। मृतक चंद्रभूषण टैगोर शराब के नशे में घर में गाली-गलौज करता था और अक्सर घरेलू विवाद और जमीन बंटवारे को लेकर छोटे भाई और परिवार के अन्य सदस्यों से झगड़ा करता था। छोटे भाई चंद्रहास और मां ने कई बार उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माना।
13 जनवरी की रात भी चंद्रभूषण शराब के नशे में धुत होकर छोटे भाई चंद्रहास और अपनी मां पर गाली-गलौज करने लगा। जमीन के बंटवारे को लेकर भी विवाद करने पर चंद्रहास गुस्से में आ गया। उसने पास रखे लोहे के एंगल से चंद्रभूषण के सिर पर हमला कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि चंद्रभूषण को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने चंद्रहास टैगोर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी को पकड़ा, जिसने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त लोहे का एंगल भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।
थाना प्रभारी जेपी गुप्ता ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटनास्थल और परिवार के बयानों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि घरेलू विवाद और जमीन बंटवारे के मामलों में तनाव अक्सर हिंसा का रूप ले लेता है, इसलिए परिवारों को शांतिपूर्वक समाधान निकालने की आवश्यकता है। स्थानीय लोग इस घटना से सदमे में हैं। उन्होंने कहा कि शराब और घरेलू झगड़े परिवारों में बड़े विवाद का कारण बन सकते हैं। ग्रामीणों ने परिवारों से अपील की है कि वे ऐसे मामलों में स्थानीय पंचायत या अधिकारियों से मदद लें और हिंसा की बजाय विवाद का शांतिपूर्ण समाधान खोजें। इस घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा और विवादों में नशे के दुरुपयोग की गंभीर समस्या को उजागर किया है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत सजा दिलाने तक मामले की निगरानी जारी रखी जाएगी।

