Jashpur. जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में चालू धान खरीदी सीजन के दौरान अवैध धान परिवहन और बिचौलियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज़ है। जिले के फरसाबहार, तुमला थाना और पंडरापाठ चौकी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने हाल ही में दो पिकअप और एक ट्रैक्टर को जब्त किया है। इन वाहनों से कुल 84 क्विंटल अवैध धान बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 93 हजार 200 रुपए बताई गई है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि जशपुर पुलिस ने अब तक 41 वाहनों से कुल 2,422 क्विंटल अवैध धान जब्त कर जिला प्रशासन को सौंपा है। उनका कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
तुमला थाना में पकड़ा गया बिना नंबर पिकअप
तुमला थाना क्षेत्र में 16-17 जनवरी की दरम्यानी रात करीब 1:30 बजे मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने हाथीबेड़ ग्रामीण मार्ग पर नाकाबंदी की। ओडिशा की ओर से आ रहे बिना नंबर पिकअप वाहन को देखकर चालक फरार हो गया। तलाशी के दौरान पिकअप से त्रिपाल में ढकी 60 बोरियों में 24 क्विंटल धान बरामद हुई।
फरसाबहार थाना में पकड़ा गया पिकअप
फरसाबहार थाना क्षेत्र में सुबह करीब 7:30 बजे धौरा सांड जंगल क्षेत्र में मुखबिर की सूचना पर पिकअप वाहन (OD-16-A-4175) को रोका गया। चालक पुलिस को देखकर भाग गया। वाहन की तलाशी में 50 बोरियों में 20 क्विंटल धान मिली। पुलिस का अनुमान है कि यह धान ओडिशा से छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से खपाने के लिए लाई जा रही थी।
पंडरापाठ चौकी में ट्रैक्टर जब्ती
चौकी पंडरापाठ क्षेत्र में रात्रि गश्त के दौरान ग्राम सुलेसा के पास एक संदिग्ध ट्रैक्टर पकड़ा गया। ट्रैक्टर चालक नारायण राम (43) से पूछताछ में पता चला कि धान सत्यपाल यादव से खरीदी गई थी और इसे शनिचरा राम नागेश के घर ले जाया जा रहा था। पुलिस को आशंका थी कि यह धान किसी अन्य किसान के टोकन पर उपार्जन केंद्र में खपाने की कोशिश थी। डॉक्यूमेंट और टोकन पूछे जाने पर चालक कोई वैध कागजात पेश नहीं कर सका। इसके बाद ट्रैक्टर क्रमांक CG-14-MS-4571 सहित 100 बोरियों में लोड लगभग 40 क्विंटल धान जब्त कर जिला प्रशासन को सौंपा गया।
एसएसपी का बयान
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि फरसाबहार, तुमला और पंडरापाठ क्षेत्र में अलग-अलग मामलों में कुल 84 क्विंटल धान बरामद किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध धान परिवहन और बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। जशपुर पुलिस की इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता और अवैध कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

