बिजनौर: यूपी के बिजनौर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां स्योहारा क्षेत्र में छोटे भाई ने ही बड़े भाई की सुपारी देकर हत्या करा डाली। मामले का पड़ताल में जुटी पुलिस ने दोनों सुपारी किलर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
राहुल अक्सर दुष्यंत को जान से मारने की धमकी देता था। इस कारण दुष्यंत मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था। इसी रंजिश में उसने अपने दो दोस्तों विनीत और अमजद को चार लाख की सुपारी देकर राहुल की हत्या करवा दी। रविवार सुबह करीब साढ़े दस बजे गांव हल्दुआ माफी के रहने वाले सतपाल का बेटा राहुल गन्ना सेंटर पर गन्ना डालकर ट्रैक्टर से घर लौट रहा था। जैसे ही वह सेंटर से गांव की ओर मुड़ा, पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने आम के बाग के पास उसे रोक लिया और गोलियां मार दीं। राहुल को दो गोलियां लगीं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जहां राहुल का शव बाग में पड़ा मिला।
सूचना मिलते ही स्योहारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सूचना पर एसपी अभिषेक झा, एएसपी पूर्वी अमित श्रीवास्तव सीओ धामपुर एके पांडे व स्योहारा कोतवाल संजय कुमार ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण कर परिजनों से जानकारी ली।
चार लाख रुपये की सुपारी देकर छोटे भाई दुष्यंत ने अपने ही बड़े भाई राहुल को मौत के घाट उतरवा दिया। पुलिस ने हत्या के चंद घंटों बाद राहुल हत्याकांड का खुलासा कर दिया। खुलासे में सामने आया कि यह कोई साधारण हत्या नहीं बल्कि रिश्तों के टूटने और भरोसे के खून से रंगे जाने की दर्दनाक कहानी है। बड़े भाई राहुल की हत्या की साजिश किसी और ने नहीं, बल्कि उसके छोटे भाई दुष्यंत ने ही रची। चार लाख रुपये में दोस्तों को दी गई सुपारी ने एक परिवार को हमेशा के लिए बिखेर दिया।
पुलिस के मुताबिक राहुल वर्ष 2019 में एक जानलेवा हमले के मामले में जेल जा चुका था। इसी कारण उसका स्वभाव भी काफी आक्रामक बताया जाता है। राहुल बार-बार दुष्यंत को जान से मारने की धमकी देता था। इस डर ने दुष्यंत के मन में ऐसा खौफ बैठा दिया कि उसने अपने ही भाई से छुटकारा पाने का खतरनाक रास्ता चुन लिया।
दुष्यंत ने इस काम के लिए अपने करीबी दोस्तों विनीत और अमजद को चुना। तीनों की दोस्ती पुरानी थी और इसी भरोसे ने साजिश को अंजाम तक पहुंचाया। बातचीत के दौरान चार लाख रुपये में राहुल की हत्या की बात तय हो गई। सौदे की पुष्टि के लिए दुष्यंत ने पेशगी के तौर पर दावत में दो हजार रुपये खर्च किए, जो इस खून-खराबे की पहली रकम मानी जा रही है।
राहुल की हत्या ने सिर्फ एक युवक की जान नहीं ली, बल्कि एक पूरे परिवार के सपनों को भी हमेशा के लिए खत्म कर दिया। जिस घर में कुछ ही दिनों बाद शादी की बातचीत और खुशियों की तैयारी शुरू होने वाली थी, वहां अब सन्नाटा और मातम पसरा है। राहुल का रिश्ता तय करने के लिए छह जनवरी को मुरादाबाद से मेहमान आने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही घर में मौत ने दस्तक दे दी।
राहुल और दुष्यंत के पिता सतपाल क्षेत्र के जाने-माने किसान हैं, जिनके पास करीब 45 बीघा कृषि भूमि है। बाहर से सब कुछ सामान्य दिख रहा था, लेकिन परिवार के भीतर लंबे समय से तनाव पनप रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, भाइयों के बीच आए दिन कहासुनी होती रहती थी, जो धीरे-धीरे डर और नफरत में बदल गई।

