Durg. दुर्ग। शहर के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में 07 जनवरी 2026 की रात्रि 12.00 बजे से प्रातः 04.00 बजे तक दुर्ग पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर काम्बिंग गश्त आयोजित की गई। यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन और राजपत्रित अधिकारियों की मॉनिटरिंग में थाना एवं चौकी प्रभारियों के नेतृत्व में की गई। गश्त का मुख्य उद्देश्य शहर में अपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना, वारंटियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करना और संदिग्ध लोगों को समझाइश देना था। काम्बिंग गश्त के दौरान पुलिस टीम ने कुल 64 वारंटियों की तामीली की। इसमें 24 स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार किया गया। स्थायी वारंटियों में दुर्ग और सुपेला से 5-5, जामुल से 4, मोहन नगर और भिलाई नगर से 3-3, जबकि भिलाई भट्टी, नेवई, वैशाली नगर और कुम्हारी से 1-1 व्यक्ति शामिल थे। इसके अलावा 40 फरार वारंटियों को भी गिरफ्तार कर जेल दाखिल किया गया। इनमें सुपेला से 6, पद्मनाभपुर और नेवई से 4-4, दुर्ग, पुलगांव, भिलाई नगर, स्मृतिनगर, खुर्सीपार और कुम्हारी से 3-3 तथा मोहन नगर, भिलाई भट्टी, वैशाली नगर और पुरानी भिलाई से 2-2 आरोपी शामिल थे। काम्बिंग गश्त के दौरान पुलिस ने 102 गुण्डा बदमाशों और 39 निगरानी में रखे गए बदमाशों की चेकिंग भी की। सभी को मौके पर समझाइश देते हुए अपराधिक गतिविधियों से दूर रहने के लिए चेतावनी दी गई।
इसके अलावा रात्रि में अनावश्यक घूमने वाले 60 संदिग्धों से भी बारीकी से पूछताछ की गई और उनकी पहचान सुनिश्चित की गई। सभी संदिग्धों को आवश्यक समझाइश देकर कानून का पालन करने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने बताया कि काम्बिंग गश्त के दौरान थाना और चौकी प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्र के पुलिस बल के साथ मिलकर पूरी योजना के तहत कार्रवाई की। इस अभियान में नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। राजपत्रित अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की गई, जिससे गश्त की प्रभावशीलता बढ़ी और कोई भी चूक न हो सके। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की रात्रि गश्त से न केवल वारंटियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित होती है बल्कि गुण्डा और अपराधियों में डर पैदा होता है। इससे शहरी क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ती है और आम नागरिकों को भी राहत मिलती है। काम्बिंग गश्त के दौरान गिरफ्तारी और चेतावनी देने के साथ ही पुलिस ने अपराधियों और संदिग्धों को यह संदेश भी दिया कि कानून का पालन करना अनिवार्य है और किसी प्रकार की शरारत या अवैध गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इस अभियान के दौरान स्थानीय जनता ने भी पुलिस की इस पहल की सराहना की और कहा कि लगातार ऐसी गश्त से शहर में अपराध कम होगा और कानून का राज मजबूत होगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग श्री विजय अग्रवाल के निर्देश पर यह अभियान आयोजित किया गया, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) एवं अन्य अधिकारी भी सहयोग में शामिल रहे। पुलिस ने सभी संस्थाओं और नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र में भी अपराध नियंत्रण और सुरक्षा के प्रति सजग रहें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस तरह की पहल से शहर में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में मदद मिलेगी और अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं रहेगा। इस गश्त ने दुर्ग जिले में अपराध नियंत्रण के प्रति पुलिस की सक्रियता और जनता के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को फिर से प्रदर्शित किया है।

