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कश्मीर पर ट्रंप की मध्यस्थता की पेशकश पर ओवैसी ने फिर कसा तंज

भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कथित नई पेशकश की आलोचना करते हुए एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को कहा कि ‘बेगानी शादी में ट्रंप दीवाने हो रहे हैं.’

हैदराबाद से लोकसभा सदस्य ने यह भी कहा कि सरकार के पास स्पष्ट नीति होनी चाहिए और अमेरिकी राष्ट्रपति को सूचित करना चाहिए कि देश को उनकी भूमिका की कोई जरूरत नहीं है. ओवैसी ने यहां पत्रकारों से कहा, “वह (ट्रंप) कहते हैं कि (भारत और पाकिस्तान के बीच) मैं मध्यस्थता करूंगा. बार-बार एक ही बात हो रही है. यह तो बेगानी शादी में ट्रंप दीवाने हो रहे हैं. ट्रंप का कोई लेना देना नहीं है. वह क्यों मध्यस्थता करेंगे?”

उन्होंने कहा, “क्या हो रहा है? इस देश की विदेश नीति को कौन चला रहा है? हम ट्रंप से इतना क्यों डर रहे हैं कि हम प्रतिक्रिया तक नहीं दे पा रहे हैं? सरकार के पास नीति होनी चाहिए और साफ-साफ यह कहना चाहिए कि हमें आपकी (ट्रंप) की जरूरत नहीं है.”

ओवैसी ने अलग से एक ट्वीट करके नौकरियां जाने पर भाजपा पर निशाना साधा. इससे पहले बुधवार को भी असदुद्दीन ओवैसी ने कश्मीर मुद्दे पर डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा था. ओवैसी का यह रिएक्शन कश्मीर को लेकर पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फोन पर बातचीत के तुरंत बाद आया था.

पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प की बातचीत पर निराशा व्यक्त करते हुए असदुद्दीन ओवैसी निराशा जताई थी. असदुद्दीन ओवैसी ने पूछा था कि क्या ट्रम्प पूरी दुनिया के “पुलिसकर्मी” हैं या ‘चौधरी’ हैं. उन्होंने कहा, “हम शुरू से ही यह कहते रहे हैं कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है. भारत का इस पर बहुत ही स्थिर रुख है. फिर प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से बातचीत करने और इसकी शिकायत करने की क्या आवश्यकता थी.”

ओवैसी ने कहा, “हमारे पीएम ने फोन पर कश्मीर को लेकर डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की. ट्रंप हमारे लिए क्या है? क्या वह पूरी दुनिया के पुलिसकर्मी हैं या वह कोई चौधरी हैं?” गौरतलब है कि पाकिस्तान के साथ कश्मीर को लेकर जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की थी

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