देश विदेश

Omicrone variant News – सामने आई नए वैरिएंट की पहली तस्वीर, डेल्टा से भी कहीं ज्यादा खतरनाक है यह, देखें तस्वीर

कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन की पहले तस्वीर सामने आई है, जिसे पता चलता है कि ओमीक्रोन में कोरोना के अन्य वेरिएंट्स के मुकाबले ज्यादा म्यूटेशन्स हैं. इटली की राजधानी रोम स्थित बम्बिनो गेसु अस्पताल ने तस्वीर के अधार पर यह जानकारी दी है.

रिसर्च करने वाली टीम ने कहा कि तस्वीर में “हम स्पष्ट रूप से देख सकते हैं कि ओमीक्रोन वेरिएंट डेल्टा वेरिएंट की तुलना में कई अधिक उत्परिवर्तन (म्यूटेशन्स) है. यह प्रोटीन के एक क्षेत्र में सबसे ऊपर केंद्रित है, जो मानव कोशिकाओं के साथ इंटरेक्ट करता है।

शोधकर्ताओं ने कहा, ‘इसका यह मतलब नहीं है कि ये विविधताएं ज्यादा खतरनाक हैं, वायरस ने बस एक और प्रकार उत्पन्न करके मानव प्रजातियों को ज्यादा अनुकूल बनाया है.’ इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘अन्य अध्ययन हमें बताएंगे कि यह कम खतरनाक या ज्यादा.’

डेल्टा से ज्यादा खतरनाक है ओमीक्रोन?
WHO ने कहा, ‘प्रारंभिक साक्ष्य बताते हैं कि ओमीक्रोन वेरिएंट से उन लोगों को फिर से कोरोना होने का खतरा ज्यादा है, जो पहले संक्रमित हो चुके हैं. ऐसे लोगों को यह आसानी से संक्रमित कर सकता है.’ WHO ने कहा, ‘अभी यह स्पष्ट नहीं है कि डेल्टा और अन्य कोरोना वेरिएंट्स के मुकाबले ‘ओमीक्रोन’ ज्यादा संचरणीय यानी ट्रांसमिसिबल (एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में ज्यादा आसानी से फैलने वाला) है या नहीं. अभी के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट से इसका पता लगाया जा सकता है.’

ओमीक्रोन के खिलाफ वैक्सीन असर करेगी या नहीं?
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा, ‘डब्ल्यूएचओ कोरोना की वैक्सीन पर इस वेरिएंट के संभावित प्रभाव को समझने के लिए तकनीकी भागीदारों के साथ काम कर रहा है.’ उसने कहा, ‘अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ‘ओमीक्रोन’ ज्यादा गंभीर बीमारी का कारण बनता है या नहीं. वर्तमान में यह सुझाव देने के लिए कोई जानकारी नहीं है कि ओमीक्रोन के लक्षण अन्य वेरिएंट्स से अलग हैं.’

इटली के शोधकर्ताओं द्वारा जारी इमेज से पता चलता है कि इस नए कोरोना वायरस वैरिएंट में 43 स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन मौजूद हैं. वहीं, डेल्टा वैरिएंट में केवल 18 स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन थे. वैज्ञानिक वैरिएंट में हुए म्यूटेशन को लेकर ही ज्यादा चिंतित हैं. इससे पहले भी एक रिसर्च में कहा गया था कि ओमिक्रॉन वैरिएंट में 32 स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन हो सकते हैं.

रिसर्च के अनुसार, ये म्यूटेशन मानव कोशिकाओं वाले क्षेत्र पर ज्यादा केंद्रित करता है. हालांकि, इटली के मीडिया के हवाले से इन रिसर्चर्स का कहना है कि इसका सीधा मतलब ये नहीं है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट ज्यादा खतरनाक है. इसका मतलब ये है कि इस वायरस ने एक और वैरिएंट उत्पन्न कर अपने आपको इंसानों के हिसाब से ढाल लिया है. अभी ये कहना मुश्किल है कि ये वैरिएंट ज्यादा खतरनाक है या कम खतरनाक है.

बता दें कि दुनिया भर के वैज्ञानिक ओमिक्रॉन वैरिएंट के बारे में नई जानकारियां जुटाने के लिए तमाम कोशिशें कर रहे हैं. इसे सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका के वैज्ञानिकों ने खोजा था और शुक्रवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इस वायरस को चिंताजनक कैटेगिरी में डाला है. डब्लयूएचओ ने एक बयान जारी कर कहा था कि इस वैरिएंट के बहुत सारे म्यूटेशन हो रहे हैं, और शुरुआती संकेत यही मिल रहे हैं कि इससे दोबारा संक्रमित होने का खतरा है.

पिछले कुछ दिनों में ही ओमिक्रॉन के केस दुनिया भर के कई हिस्सों में मिल चुके हैं. इनमें इजरायल, हॉन्गकॉन्ग, बेल्जियम और बोत्सवाना जैसे देश शामिल हैं. इसके अलावा, बीते शनिवार को जर्मनी, इटली और यूके में भी इस वायरस को लेकर केस रिपोर्ट किए गए हैं. अमेरिका, रूस और हॉन्गकॉन्ग ने अभी से ही दक्षिण अफ्रीका से आने वाले यात्रियों को लेकर प्रतिबंध लगाने शुरू कर दिए हैं. इटली के शहर मिलान में भी ओमिक्रॉन का पहला केस देखने को मिला है. ये यात्री अफ्रीका में मोजाम्बिक से लौटकर इटली वापस आ रहा था।

|

Related Articles

Back to top button