देश विदेशलोकसभा चुनाव 2019

राजीव गांधी और अमिताभ की छुट्टियां ऐसे बीती थी

लोकसभा चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम लगातार चर्चा में हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी चुनावी रैलियों में इस दिवंगत नेता का लगातार जिक्र कर रहे हैं. पीएम मोदी ने बुधवार को दिल्ली के रामलीला मैदान पर जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 1987 में राजीव गांधी जिस समय प्रधानमंत्री थे, उस समय वे नए साल का जश्न मनाने के लिए 10 दिन की छुट्टी पर एक खास द्वीप गए थे. जानते हैं कि इस बेहद खास छुट्टी में गांधी परिवार ने किन चुनिंदा लोगों की मेहमाननवाजी की थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरोप लगाया कि 32 साल पहले 1987 में गांधी परिवार ने छुट्टी मनाने के लिए भारतीय युद्धपोत आईएनएस विराट का इस्तेमाल किया था. पीएम मोदी ने अपने आरोप में उस द्वीप का नाम नहीं बताया, लेकिन इंडिया टुडे ने 31 जनवरी 1988 को गांधी परिवार की उस ‘खास छुट्टी’का पूरा ब्यौरा दिया था. अनीता प्रताप ने अपनी रिपोर्ट में उस पिकनिक के बारे में विस्तार से जानकारी दी थी.

राजीव गांधी और सोनिया गांधी की इस ‘खास छुट्टी’के मेहमानों की बात करें तो मेहमानों की लिस्ट बहुत बड़ी नहीं थी. शुरुआत उनके बेटे राहुल गांधी से करते हैं. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इस छुट्टी में राजीव के साथ तो थे ही, साथ में उनके 4 दोस्त भी इस खास द्वीप पर नए साल का जश्न मनाने गए थे.

राहुल-प्रियंका के दोस्तों के अलावा सोनिया गांधी की बहन, बहनोई और उनकी बेटी भी इस छुट्टी में उनके साथ थे. साथ ही सोनिया की विधवा मां आर माइनो के अलावा उनके भाई और मामा भी वहां इस छुट्टी में शामिल थे.

राजीव गांधी के बेहद करीबी और तब के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन अपनी पत्नी जया और 3 बच्चों के साथ वहां पर थे. अमिताभ के भाई अजिताभ बच्चन की बेटी भी उनके साथ इस ट्रिप में गई थी.

अब भारतीय मेहमानों की बात करें तो इस छुट्टी में पूर्व केंद्रीय मंत्री और गांधी परिवार के बेहद करीबी अर्जुन सिंह के भाई बिजेंद्र सिंह की पत्नी और बेटी भी शामिल थीं. इसके अलावा 2 अन्य विदेशी मेहमान भी इस पार्टी में शामिल हुए.

राजीव और सोनिया ने 30 दिसंबर की दोपहर के बाद अपना दौरा शुरू किया. इस ‘खास छुट्टी’ के खास मेहमान अमिताभ बच्चन एक दिन बाद कोचीन-कवारत्ती हेलिकॉप्टर के जरिए वहां पर पहुंचे थे, जबकि उनकी पत्नी जया 4 दिन पहले ही वहां पहुंच गई थी. अमिताभ की यह यात्रा बेहद गुप्त रखी गई थी, लेकिन बंगाराम द्वीप जाने से पहले हेलिकॉप्टर में फ्यूल भराने के कारण उनकी यात्रा के बारे में मीडिया को भनक लग गई थी।

तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के करीबियों की इस खास छुट्टी को शानदार बनाने के लिए लक्षद्वीप प्रशासन की ओर से खाने का विशेष इंतजाम किया गया था. बंगाराम द्वीप पर दो रसोइयों समेत 5 लोग रुके थे. गांधी परिवार के खाने की पसंद का ख्याल रखने के लिए दिल्ली से उनका पर्सनल कुक भी गया था, जो दिशा-निर्देश दे रहा था.

गांधी परिवार की यह आलीशान छुट्टी 6 जनवरी को खत्म हुई थी. वहां से रवाना होने वाली मेहमानों में सबसे पहले प्रियंका शामिल थीं, जो अपने दोस्तों के साथ गोवा चली गईं. उसके बाद विदेशी मेहमान रवाना हुए और फिर अमिताभ बच्चन और उनका परिवार रवाना हुआ. उसी दिन राजीव गांधी अपने बेटे राहुल के साथ नेवी के हेलिकॉप्टर से एमिनी आइलैंड आ गए, जहां उनका नए साल (1988) में पहला आधिकारिक कार्यक्रम होना था. राहुल गांधी को आईएनएस विराट में ही छोड़ दिया गया था, ताकि वे बाद में राजीव गांधी के साथ मंगलौर जा सकें. बंगाराम द्वीप से सबसे अंत में निकलने वालों में सोनिया गांधी और उनके रिश्तेदार शामिल थे।

|

Related Articles

Back to top button
Live Updates COVID-19 CASES