एल्विश यादव के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज, सांपों के जहर बेचने का है मामला |
छत्तीसगढ़

एल्विश यादव के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज, सांपों के जहर बेचने का है मामला

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सांपों के जहर की खरीद-फरोख्त के मामले में फंसे मशहूर यू ट्यूबर व बिग बॉस ओटीटी-2 के विजेता एल्विश यादव के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। ईडी मुख्यालय के निर्देश पर लखनऊ स्थित जोनल कार्यालय ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जल्द ही एल्विश को पूछताछ के लिए सम्मन भेजा जाएगा।

बता दें कि भाजपा सांसद मेनका गांधी की संस्था पीपुल्स फॉर एनिमल्स के पदाधिकारी गौरव गुप्ता की शिकायत पर एल्विश यादव समेत छह लोगों के खिलाफ नोएडा के सेक्टर 49 थाने में पिछले साल दो नवंबर को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले में चार सपेरों समेत पांच लोगों को संस्था की मदद से गिरफ्तार किया था।

अब, ईडी इस मामले में बड़े कार्रवाई की तैयारी में है। ईडी की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सांपों का जहर एनसीआर के नामचीन होटलों, क्लबों, रिसॉर्ट्स और फार्म हाउस में होने वाली रेव पार्टियों में उपलब्ध कराया जाता था। अब ईडी के अधिकारी इन्हें चिह्नित कर संचालकों को तलब करके पूछताछ करेंगे। ईडी को एल्विश के पास कई लग्जरी गाड़ियों का काफिला होने की जानकारी भी मिली है। इसके बारे में उनसे पूछताछ की जाएगी।

दरअसल, गौरव गुप्ता ने पुलिस में शिकायत की थी कि एल्विश सांप का जहर और जिंदा सांपों के साथ नोएडा व एनसीआर के फाॅर्म हाउसों में अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ वीडियो शूट कराते हैं और गैरकानूनी तरीके से रेव पार्टियां करते हैं। पुलिस ने मुखबिर के जरिये एल्विश से संपर्क साधा तो उन्होंने अपने एजेंट राहुल का नंबर दिया। राहुल से एल्विश का नाम लेकर बात की गई तो वह पार्टी करने को तैयार हो गया।

उसे साथियों के साथ दो नवंबर को सेक्टर 51 के सेवरोन बैंक्वेट हॉल आने को कहा गया। राहुल और उसके गिरोह के बाकी सदस्यों ने आने के बाद सांप दिखाए, जिसके बाद नोएडा पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जबकि एल्विश ने खुद पर लगे आरोपों को नकार दिया था लेकिन पुलिस की जांच में संलिप्तता की पुष्टि होने पर उन्हें भी बीती 17 मार्च को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि कुछ दिन बाद उन्हें जमानत मिल गई थी।

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