प्रेमी प्रेमिका ने लिया गेस्ट हाउस में कमरा, तीन दिन नही खुला दरवाजा, स्टाफ ने तोड़ा दरवाजा तो उड़े होंश – INH24 |
छत्तीसगढ़

प्रेमी प्रेमिका ने लिया गेस्ट हाउस में कमरा, तीन दिन नही खुला दरवाजा, स्टाफ ने तोड़ा दरवाजा तो उड़े होंश – INH24


लखनऊ से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां चिनहट के रेड लाइन गेस्ट हाउस में प्रेम-प्रेमिका रुकने के लिए आए थे। प्रेमी तीन दिन पहले से रुका हुआ था। तीन जून को उसकी प्रेमिका भी उसी रूम में पहुंची।दो दिन बाद कमरे से कुछ दुर्गंध आनी शुरू हुई तो स्टाफ ने दरवाजा तोड़ा।

दरवाजा टूटने के बाद रूम के अंदर जो बिस्तर पर नजारा दिखा उसे देखकर सभी दंग रह गए। दरअसल बाराबंकी के त्रिभुवन सिंह ने तीन जून को अपनी प्रेमिका कामिनी रावत (23) की गला दबाकर हत्या कर दी। फिर कमरे में ताला लगाकर फरार हो गया था। कमरे से बदबू उठने पर गेस्ट हाउस के कर्मचारियों ने गुरुवार दोपहर ताला तोड़ा तो कामिनी का शव बिस्तर पर मिला। शव फूल चुका था।

त्रिभुवन इस होटल में 30 मई से रुका हुआ था। कामिनी तीन जून को ही आयी थी। पुलिस ने पड़ताल की तो सामने आया कि त्रिभुवन का शव चार जून को बाराबंकी में रेलवे स्टेशन के पास पटरी पर मिला था। घर वालों ने ट्रेन की टक्कर से मौत मानते हुए उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। अब कामिनी का शव मिलने के बाद पुलिस ने दावा किया है कि त्रिभुवन ने उसकी हत्या की और फिर बाराबंकी में ट्रेन के सामने कूद कर जान दे दी। चिनहट और बाराबंकी पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।

चिनहट इंस्पेक्टर अश्वनी चतुर्वेदी के मुताबिक त्रिभुवन और कामिनी (23) दोनों ही बाराबंकी के औरंगाबाद के रहने वाले हैं। इनके बीच काफी समय से मित्रता है। गेस्ट हाउस के दस्तावेजों के मुताबिक त्रिभुवन 30 मई को आया था। उसने कहा था कि तीन जून को उसकी परिचित आयेगी और साथ ही रुकेगी।

दोनों ने रजिस्टर पर अपना सही पता लिखवाया था वरना शिनाख्त में दिक्कत होती। पुलिस ने जब कामिनी के घर वालों से सम्पर्क किया तो पिता रामकुबेर से पता चला कि कामिनी तीन जून को बिना बताये कहीं चली गई है। उसकी गुमशुदगी जहांगीराबाद थाने में दर्ज है। वह लोग तीन दिन से उसे ढूंढ़ रहे है। पुलिस से कामिनी की मौत की खबर मिलते ही रामकुबेर अपने रिश्तेदारों के साथ बदहवाश हालत में लखनऊ पहुंचे। पुलिस ने उनसे त्रिभुवन के बारे में पूछा तो वह ज्यादा कुछ नहीं बोले। रिश्तेदारों ने पुलिस को बताया कि दोनों लोग एक ही इलाके में रहते हैं।

पुलिस ने गेस्ट हाउस के संचालक से पूछा कि तीन जून से कमरे में ताला लगा हुआ था। दोनों लोग नहीं दिखे तो किसी कर्मचारी ने कुछ पता करने की जरूरत ही नहीं समझी। पुलिस ने इसे भी लापरवाही माना। इन कर्मचारियों ने बताया कि त्रिभुवन तीन जून को बिना बताये हुए ही कहीं चला गया था। कर्मचारियों को जब पता चला कि त्रिभुवन का शव चार जून को बाराबंकी में रेलवे लाइन पर मिला था तो वह लोग भी हैरान रह गये।

चिनहट पुलिस ने जब बाराबंकी पुलिस से सम्पर्क किया तो सामने आया कि त्रिभुवन का शव रेलवे लाइन पर चार जून को मिला था। रेलवे पुलिस ने त्रिभुवन के परिवारीजनों से सम्पर्क किया तो उन लोगों ने बताया था कि त्रिभुवन तीन जून को लखनऊ में कोई जरूरी काम बताकर घर से निकला था। पुलिस यह नहीं बता सकी कि वह ट्रेन की चपेट में कैसे आया। जीआरपी इंस्पेक्टर देवेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि अभी यह साफ नहीं है कि वह ट्रेन की चपेट में आ गया था या उसने ट्रेन के सामने कूद कर जान दी। हालांकि चिनहट पुलिस कामिनी का शव मिलने के बाद यह मान रही है कि त्रिभुवन ने कामिनी की हत्या कर खुदकुशी कर ली है।

चिनहट पुलिस को कुछ लोगों ने यह भी बताया कि त्रिभुवन और कामिनी में जल्दी शादी करने को लेकर विवाद हो गया था। इसको लेकर दोनों में बोलचाल भी बंद रही थी। इसको लेकर ही त्रिभुवन उससे परेशान था। तीन जून को उसने कमरे में बुलाया और इस दिन इसी बात पर दोनों में विवाद हुआ जिस पर त्रिभुवन ने उसकी हत्या कर दी। माना जा रहा है कि गला दबा कर हत्या की गई है।



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