चांदी/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: Pixabay)
Silver Rate Today, January 29, 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में आज यानी गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को चांदी की कीमतों में एक बार फिर मजबूती देखी गई है. पिछले एक साल में चांदी ने रिटर्न के मामले में सोने को भी पीछे छोड़ दिया है. वैश्विक संकेतों और औद्योगिक मांग में निरंतर बढ़ोतरी के चलते चांदी की कीमतें अपने अब तक के उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई हैं. 2026 की शुरुआत के साथ ही निवेशकों का रुझान इस “सफेद धातु” की ओर तेजी से बढ़ा है.
देश के विभिन्न शहरों में चांदी की कीमतों में कुछ अंतर देखा गया है, जो स्थानीय करों और मांग पर निर्भर करता है. यह भी पढ़ें: Silver Rate Today, January 24, 2026: चांदी ने रचा नया इतिहास, पहली बार ₹3.4 लाख के पार पहुंचे भाव; ग्लोबल मार्केट में भी $100 का स्तर पार
प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा भाव (प्रति किलोग्राम)
| शहर | चांदी का भाव (INR/kg) |
| चेन्नई / हैदराबाद | 4,00,100 |
| नई दिल्ली / मुंबई | 3,80,100 |
| कोलकाता / बेंगलुरु | 3,80,100 |
| श्रीनगर | 3,87,600 |
| अहमदाबाद / जयपुर | 3,80,100 |
| लखनऊ / भोपाल | 3,80,100 |
149% की सालाना वृद्धि: क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
बाजार के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में चांदी की कीमतों में लगभग 149 प्रतिशत का उछाल आया है. इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं:
- औद्योगिक सुपर-साइकिल: रिन्यूएबल एनर्जी (सौर ऊर्जा) और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के निर्माण में चांदी का बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है। सोलर पैनल बनाने के लिए इसकी विद्युत चालकता (Electrical Conductivity) इसे अनिवार्य बनाती है.
- आपूर्ति में कमी: खदानों से चांदी का उत्पादन उस गति से नहीं बढ़ रहा है जिस गति से इसकी वैश्विक मांग बढ़ रही है। इस असंतुलन ने कीमतों को स्थिर आधार प्रदान किया है.
वैश्विक संकेतों का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत जहां $4,794 प्रति औंस के स्तर को पार कर गई है, वहीं चांदी की दोहरी भूमिका (कीमती धातु और औद्योगिक कच्चा माल) ने इसे कमोडिटी रैली के केंद्र में ला खड़ा किया है. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और डॉलर की कमजोरी ने भी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों जैसे चांदी और सोने के प्रति आकर्षण बढ़ाया है.
भारतीय बाजार पर प्रभाव
भारत में खुदरा निवेशक अब चांदी को सोने के एक सस्ते और बेहतर विकल्प के रूप में देख रहे हैं. चूंकि सोने की कीमतें उम्मीद से कहीं पहले ऊंचाइयों को छू रही हैं, इसलिए मध्यम वर्ग के निवेशक निवेश के लिए चांदी को प्राथमिकता दे रहे हैं. ज्वेलरी और चांदी के बर्तनों की मांग भी स्थिर बनी हुई है, लेकिन सबसे अधिक उछाल निवेश के उद्देश्य से खरीदी जा रही चांदी में देखा जा रहा है.

