गरियाबंद - छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा वन विभाग टीम ने दुर्लभ जिंदा पेंगोलिन के साथ तीन तस्करों को किया गिरफ्तार |
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गरियाबंद – छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा वन विभाग टीम ने दुर्लभ जिंदा पेंगोलिन के साथ तीन तस्करों को किया गिरफ्तार

गिरिश गुप्ता गरियाबंद:- उपनिदेशक उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व वरुण जैन गरियाबंद के कुशल मार्गदर्शन में गुप्त सूचना के आधार पर दिनांक 18.01.2024 को एन्टीपोचिंग टीम उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व गरियाबंद एवं वन परिक्षेत्र सीनापाली (उड़ीसा) वनमण्डल खरियार के साथ संयुक्त टीम गठित कर उदंती सीतानदी टायगर रिजर्व गरियाबंद वन परिक्षेत्र इंदागांव (धुरवागुड़ी) बफर सीमा से 05 कि.मी. दूर उड़ीसा राज्य के ग्राम नंगलबोड़ मे (1) दिनेश मांझी पिता दुखू मांझी, उम्र-43 वर्ष, ग्राम/पोस्ट-नगलबोड, जिला-नुवापड़ा (उड़ीसा) (2) तुरपन मांझी पिता दुखू मांझी, उम्र 61 वर्ष, ग्राम/पोस्ट-नगलबोड, जिला-नुवापड़ा (उड़ीसा) (3) चैतन्य मांझी पिता मनसाय मांझी, उम्र-57, ग्राम गेंदुलपानी, पोस्ट-नगलबोड, जिला-नुवापड़ा (उड़ीसा) को घेरा बंदी कर एक नग जिंदा पेंगोलिन (सालखपरी) जिसका वजन लगभग 12.450 कि.ग्रा. एवं लगभग 2.700 कि.ग्रा. पेंगोलिन (सालस्खपरी), मोटर सायकल 03 नग, (1) हिरो स्पलेण्डर, (2) टीवीएस जूमपीटर, (3) टीवीएस सुपर एक्सल, मोबाईल 02 नग (1) विवो टचस्कीन 01 नग (2) जीओ कि-पेड मोबाईल 01 नग के साथ जप्त किया गया।

छत्तीसगढ़ / उड़ीसा के संयुक्त टीम द्वारा तीनों आरोपियों को पकड़कर विस्तृत पूछताछ के लिए वन परिक्षेत्र सीनापाली, वनमंडल खरियार, (उड़ीसा) लाया गया, न्यायालयीन कार्यवाही के लिए वन परिक्षेत्र सीनापाली उड़ीसा के सुपूर्द कर पंचनामा लिया गया। इसी कड़ी में दिनांक 19.01.2023 को भी दोनों टीमों के द्वारा संयुक्त कार्यवाही में 2 और अभियुक्तों को पाटदरहा क्षेत्र मे

हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

इस कार्यवाही में उदंती सीतानदी की एन्टी पोचिंग टीम के नोडल अधिकारी श्री गोपाल कश्यप सहायक संचालक उदंती (मैनपुर) एवं चुरामन घृतलहरे, राकेश मार्कडेय, ओम प्रकाश राव, फलेश्वर दिवान, विरेन्द्र ध्रुव, ऋषि ध्रुव, रोहित निषाद, विरेन्द्र कुमार ध्रुव, नोहर लाल नायक, देवी सिंग, पुनीत एवं वन परिक्षेत्र सीनापाली (उड़ीसा) के परिक्षेत्र अधिकारी मुरारी प्रसाद पांडा, चुड़ानाथ सरफ, उपेन्द्र प्रसाद मंहती, मनोज कुमार बाघ, संग्राम सिंह प्रधान, प्रमोद कुमार बाघ, जगमोहन मांझी, सुजाता बड़माली, कुलेश्वरी मांझी के स्टॉफ का विशेष योगदान रहा।

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