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हनी ट्रैप मामला – छग के तीन अफसरों और नेता की बनाई SIT ने सूचि, जल्द होगी पूछताछ

मध्यप्रदेश के चर्चित हाईप्रोफाइल हनी ट्रेप केस की जांच अब छत्तीसगढ़ तक आ पहुंची है। सूत्रों के मुताबिक छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में गिरोह की मास्टर माइंड श्वेता जैन और बरखा सोनी काफी सक्रिय थीं। इनका संपर्क एक आईएएस और दो डीएफओ से ही नहीं बल्कि सूबे के एक पूर्व मंत्री और दो विधायकों से भी था। दोनों ने पूर्व मंत्री के जरिए बस्तर संभाग में श्वेता जैन के एनजीओ पर करोड़ों रुपए का काम किया था। इस दौरान उन्होंने ना सिर्फ अफसरों, बल्कि राजनेताओं के लिए भी नाइट पार्टियों का आयोजन किया था।

मिली जानकारी के मुताबिक एमपी पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को अफसरों और राजनेताओं के नाम की डिटेल मिल गई है जिसमें राजनेता और अफसरों से पूछताछ से पहले सबूत इकट्ठा किया जा रहा है। मामले में जल्द ही एसआईटी टीम छत्तीसगढ़ में सबूत के साथ आ सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एनजीओ संचालिका और हनी ट्रेप गिरोह की मुखिया श्वेता जैन ने मध्यप्रदेश के राजनेता के जरिए साल 2016 में छत्तीसगढ़ में अपन संपर्क बनाया। इसके बाद बस्तर संभाग के जिलों में साल 2018 तक एनजीओ पर करीब 5 करोड़ रुपए का काम लिया। बताया जा रहा है कि दोनों डीएफओ और आईएएस अफसर तक पूर्व मंत्री के जरिए पहुंचीं।

श्वेता जैन करीब 4 कालगर्लों के साथ कई बार हफ्तों हफ़्तों अफसरों के सरकारी निवास और गेस्ट हाउस में रुकती थी। बस्तर के उस गेस्ट हाउस में पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री भी ठहरे थे जिनके डिटेल्स इंदौर पुलिस जमा कर रही है।

गौरतलब है कि श्वेता जैन नाइट पार्टी में भोपाल और इंदौर की कॉलगर्लों को लेकर आती थी और यहीं से कालगर्लों को लेकर गोवा और मुंबई के लिए अफसर रवाना हुए थे। छत्तीसगढ़ की कालगर्लों के साथ आने-जाने वाले अफसरों के यात्राओं के टिकट और होटलों के बिल की डिटेल एसआईटी इकट्ठा कर रही है।

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