छत्तीसगढ़

पेड़ की छाल जैसे बदल रहा है बच्ची की त्वचा, दुर्लभ बीमारी से पीड़ित दंतेवाड़ा की बालिका से मिले टी एस सिंहदेव

स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव आज शाम रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल पहुंचकर दुर्लभ बीमारी से पीड़ित दंतेवाड़ा की बालिका जागेश्वरी से मिले और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।

बता दें कि दंतेवाड़ा जिला की बारसूर कौरगॉव के इन्द्रावती नदी पार बेंगोफेर गांव की 7 वर्षीय राजेश्वरी दुर्लभ बीमारी की चपेट में फंसकर जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है। त्वचा की खराबी की वजह से उसकी त्वचा पेड़ की छाल जैसी सख्त हो रही है।

उन्होंने डॉक्टरों को जागेश्वरी के बेहतर से बेहतर उपचार के निर्देश दिए। सिंहदेव ने उनके परिजनों को भरोसा दिलाया कि जागेश्वरी का गंभीरता से हरसंभव इलाज कराया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो उसे इलाज के लिए बाहर भी भेजा जाएगा।

उन्होंने बताया कि जागेश्वरी की हालत में सुधार हो रहा है। उनके शरीर के छाले पहले की तुलना में अब कम दिखाई दे रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. विनीत जैन को निर्देशित किया कि मासूम के इलाज में किसी भी प्रकार की चिकित्सा सुविधा एवं संसाधनों में कमी न होने दिया जाए।

डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल में 19 जनवरी से भर्ती जागेश्वरी को त्वचा रोग विभाग द्वारा अभी बीमारी के लक्षण के आधार पर लाक्षणिक उपचार दिया जा रहा है। डॉक्टरों ने उनके लक्षणों के आधार पर दो में से किसी एक बीमारी के होने का संदेह व्यक्त किया है।

उन्होंने इसे थायोसिस हिस्ट्रीक्स या इपिडर्मोलिटिक हाइपरकेराटोसिस के लक्षण बताए हैं। डॉक्टरों ने बीमारी का पता लगाने पैथोलॉजी विभाग को बायोप्सी जांच के लिये भेजा है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी का कोई ठोस इलाज चिकित्सीय शोध के जरिए खोजा नहीं जा सका है।

भारत में अब तक इस बीमारी के केवल तीन मरीज ही पाए गए हैं। जागेश्वरी को अभी रोजाना नॉर्मल सैलाइन ड्रेसिंग, केराटोलिटिक्स और विटामिन-ए युक्त उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

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