छत्तीसगढ़

राजधानी रायपुर के पास ही तेंदुए की आमद… देवपुरी में पकड़ा गया तेंदुवा …. देखिये वीडियो

वन विभाग की टीम ने देवपुरी के एक पोल्ट्री फार्म में 17 दिन लंबे इंतजार के बाद तेंदुआ को ट्रेप किया है। तेंदुआ को फिलहाल वन अधिकारियों की देख-रेख में रखा गया है। तेंदुआ पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों के शिकार करने के लिए आता था।

मुर्गी खाने आता था तेंदुवा

जानकारी के मुताबिक माना बस्ती से सटे देवपुरी में आर्मी के रिटायर्ड मेजर दिपक का पोल्ट्री फार्म है। पिछले महीने 10 फरवरी से पोल्ट्री फार्म से लगातार मुर्गियां गायब होने लगी। इससे मेजर को आशंका हुई की उसके पोल्ट्री फार्म में कोई वन्यजीव मुर्गियों की शिकार कर रहा है। इसके बाद उन्होंने इस बात की शिकायत वन विभाग के अधिकारियों से की। वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया उसके बाद वन्यजीव को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।

ऐसे जाल में फंसा तेंदुआ

तेंदुआ को पकड़ने के लिए 17 दिन पहले पिंजरे में मुर्गियां रखी जा रही थी। बावजूद इसके तेंदुआ पिंजरे में नहीं फंस रहा था। इसके बाद तेंदुआ को पकड़ने के लिए पोल्ट्री फार्म में अलग-अलग जगह रखी मुर्गीयों को हटाकर दीवाल से सटे कैज में रखा गया।

गुर्रा रहा था तेंदुवा

सोमवार तड़के पिंजरे से तेज गुर्राने की आवाज सुनकर वहां काम करने वाले कर्मी पहुंचे और इसकी जानकारी वन विभाग को दी। इसके बाद वनपाल विराज मुदलियार, लुधाकर राव शिंदे और गिरीश रजक मौके पर पहुंचकर तेंदुआ को नंदनवन लेकर आए।

माना-तूता से आने की आशंका

पोल्ट्री फार्म से सटे माना-तूता में दस एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में घने जंगल हैं। आशंका जताई जा रही है कि तेंदुआ किसी दूसरे इलाके के जंगल से भटककर यहां पहुंच गया होगा और भोजन की तलाश में पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों के शिकार करने के लिए आता होगा। तेंदुआ की उम्र पांच से सात वर्ष के बीच बताई जा रही है।

पूरे मामले में सुनील श्रीवास्तव, एसडीओ नंदनवन ने बताया कि देवपुरी के पास एक पोल्ट्री फार्म में एक तेंदुए को रेस्क्यू कर पकड़ा है। तेंदुए को अभी नंदनवन में रखा गया है। अधिकारियों के निर्देश के बाद तेंदुआ को सुरक्षीत जंगल में छोड़ा जाएगा।

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