छत्तीसगढ़

मानव इंजीनयरिंग की शानदार सहकार मुरुमसिल्ली बांध, एक दिन में घूम आइए परिवार के साथ

मानव इंजीनयरिंग की शानदार सहकार मुरुमसिल्ली बांध। छत्तीसगढ़ में तीन प्रमुख जीवनदायिनी नदियां हैं इंद्रावती, महानदी और शिवनाथ। महानदी की सहायक नदी है सिलयारी नदी।

बता दें कि अंग्रेजों ने सिलयारी नदी में मुरुमसिल्ली के पास साल 1924 में बांध बनाया था। यह बांध सायफन स्लीव्लेज सिस्टम से बना है। उस जमाने में यह इस सिस्टम से बना एशिया का पहला बांध था। बांध के नीचे छोटा सा उद्यान है। बाहर जाकर जंगल में पिकनिक मनाने का शौक रखने वालों के लिए यह मुफीद जगह है।

जंगल से लकड़ियां चुनों पास में पड़े ईंटों को लगाकर आग लगा लो और खाना बना लो तो परिवार के संग अच्छी सर्फिंग हो जाये। बता दें कि रायपुर से यह 95 किमी दूर स्थित है और हाँ खाना बनाने का झंझट नहीं पालना हो तो इस क्षेत्र में घूमने का एक दिन का बढ़िया पैकेज है।

इस जगह से महानदी पर गंगरेल पर बने गंगरेल बांध घूमने के बाद गंगरेल का पिछला हिस्सा ओनाकोना घूम आइये। गंगरेल बांध के पास अंगारमोती मन्दिर से लगकर ओनकोना जाने का जंगली रास्ता है, जहां छोटी कारें भी आसानी से जा सकती । ओनकोना समुद्र सा विशाल जल राशि और जंगल का अद्भुत नजारा देखने जाएं। यहां से वापसी में मुरुमसिल्ली बांध भी जाया जा सकता है। (साभार – श्री अजय वर्मा की कलम से)

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