छत्तीसगढ़

सदन में रमन सिंह ने जमकर साधा निशाना, कहा- क्या भीमा मंडावी के साथ षड़यंत्र हुवा

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विधानसभा में स्थगन प्रस्ताव पर हो रही चर्चा में कहा कि भीमा मंडावी को लेकर जो षड्यंत्र हुआ क्या ये नक्सलियों की सोची समझी रणनीति का हिस्सा था. 15 सालों से मैं नक्सल मूवमेंट को मैं करीब से देखता रहा हूँ. इस पीड़ा के निराकरण को लेकर हमने जो शार्ट टर्म और लांग टर्म नीति बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए तो उस रास्ते पर जाने की जरूरत है।

डॉक्टर रमन सिंह ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि एसपी को ताश के पत्ते की तरह फेंटने की जरूरत नहीं है. महज राजनीतिक फायदे के लिए एसपी का तबादला करना ठीक नहीं है।

उन्होंने कहा कि पहले नक्सली चुनाव बहिष्कार की बात करते थे, नोटा पर जाने का फरमान देते थे, और अब बीजेपी के खिलाफ वोट देने का फरमान सुना रहे हैं. सूचना तंत्र इतना कमजोर है कि जिस रास्ते पर लगातार मूवमेंट है, उस रास्ते पर जीपीएस से आईईडी का पता चलता है।

धरम लाल कौशिक ने कहा कि भीमा मंडावी का श्यामगिरी मेले में जाने का कोई कार्यक्रम नहीं था. तो फिर बार-बार फोन करके आखिर कौन भीमा को बुला रहा था. सरकार का यह कहना कि भीम मंडावी ने सुरक्षा लौटा दी थी. पुलिस के मना करने के बाद भी वह गए. ऐसा बयान सरकार की ओर से नहीं आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार बदलने के बाद नक्सलियों का मनोबल बढ़ा है. सरकार बदलने के बाद नक्सलियों के मन से सरकार का डर खत्म हुआ. नई सरकार में हालत ये हो गई है कि नक्सली शहर तक आ गए है. पुलिस का मनोबल गिर गया है.

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