छत्तीसगढ़

दबाव में कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में दो ठेकेदारों को बताया जिम्मेदार

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भले ही सिस्टम को सुधारने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। लेकिन पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के संरक्षण प्राप्त सड़क ठेकेदारों के हौंसले अभी भी बुलंद हैं। बता दें कि राज्य में कांग्रेस की सरकार होने के बाद भी इनके दबाव में पिथौरा के वरिष्ठ काँग्रेस नेता और कांग्रेस केेे जिला उपाध्यक्ष श्याम सुन्दर एरन ने घर मे फांसी लगाकर की आत्महत्या कर ली।

जानकारी के मुताबिक पिथौरा पुलिस ने मौके से एक कागज मे सुसाईट नोट प्राप्त किया है। एरन ने अपने सुसाइड नोट में शारदा कंस्ट्रक्शन के नितेश सिघानिया/पिता मदन सिघानिया बिलाईगढ और रायपुर के श्रीकिशन एंड कंपनी के सुशील अग्रवाल पर आत्महत्या के लिए उकसाने का जिक्र किया है।

मामला करीब चार करोड़ रुपए लेने देन का है। बता दें कि मृतक भी सड़क निर्माण मे ठेकेदारी का कार्य करते थे मृतक की पत्नी का नाम शारदा अग्रवाल है। शारदा अग्रवाल ने बताया है कि सुसाइड नोट में जिनका नाम है, उनके खिलाफ पुलिस को कार्रवाई करने को कहा गया है। पिथौरा पुलिस सुसाईट नोट जब्त कर मामले को जांच कर रही है। हालांकि पुलिस इस मामले में कुछ भी बताने के इंकार कर रही है।

कांग्रेस नेता की आत्महत्या का मामला रायपुर तक पहुँच गया है। स्थानीय कांग्रेस नेता रायपुर पहुंचकर मामले की पूरी जानकारी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को देने जा रहे हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस सरकार में कांग्रेस के नेता ठेकेदारों से प्रताडित होकर आत्महत्या कर रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक जिन ठेकेदारों का नाम सुसाइड नोट में है, वे पूर्व भाजपा सरकार के कुछ दिग्गज मंत्रियों के करीबी रहे हैं। उनके सरंक्षण में उन्हें सड़क निर्माण के कई बड़े ठेके मिलते रहे हैं। कांग्रेस नेता इनके खिलाफ सारे सबूत जुटा रहे हैं, ताकि दोषियों को सजा दिलवाई जा सके।

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