छत्तीसगढ़

जब कोरिया कलेक्टर सुबह 4 बजे पहुंचे छापा मारने जिला अस्पताल, कर्मचारी थे नदारद

लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनजर कलेक्टर कोरिया विलास संदीपान भोस्कर ने रविवार की सुबह 4 बजे छापामार कार्रवाई करते हुए जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल का अधिकतर स्टॉफ़ सोते हुए मिला। जिसके बाद उन्होंने अस्पताल के सभी वार्डों का व यूनिट्स का जायजा लिया।

कलेक्टर के अचानक जिला अस्पताल पहुंचने की सूचना पर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रामेश्वर शर्मा भी आनन फानन में अस्पताल पहुंचे।

कोरिया जिले के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब कोई कलेक्टर बिना पूर्व सूचना के तड़के 4:00 बजे ही जिला चिकित्सालय का निरीक्षण करने पहुंचा हो। इसके पहले जो भी कलेक्टर थे वह अस्पताल प्रबंधन को सूचित कर निरीक्षण करने आते थे ऐसे में सब कुछ सही रहता था।

इसके पूर्व भी कलेक्टर कोरिया ने गत 7 फरवरी को जिला चिकित्सालय में जाकर जिम्मेदार डॉक्टरों को व्यवस्था में सुधार को लेकर फटकार लगाई थी। लेकिन अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कोई फर्क नहीं पड़ा था। जिसके बाद कोरिया कलेक्टर विलास संदीपान भास्कर अवकाश के दिन रविवार को सुबह 4:00 बजे ही जब जिला चिकित्सालय का निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां की अव्यवस्था का नजारा देखकर वे दंग रह गए।

पर्ची काटने के काउंटर से लेकर, इमरजेंसी ड्यूटी के डॉक्टर की ओपीडी, वार्डो में ड्यूटीरत नर्स से लेकर आईसीयू एवं बच्चों के सीआईसीयू में तैनात सभी कर्मचारी अपने कार्य से गैरमौजूद सोते हुए नजर आए। इस पर उन्होंने सभी को जमकर फटकार लगाई और सीएमएचओ डॉ रामेश्वर शर्मा को बुलाकर सभी को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। यही नहीं उन्होंने सीएस डॉ सुनील गुप्ता को भी नोटिस देने की बात कही है।

इस संबंध में कलेक्टर विलास संदीपान भास्कर ने बताया कि कोरिया जिला आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है, जहां दूरदराज से गरीब ग्रामीण उपचार के लिए आते हैं ऐसे में मुझे यह देखना जरूरी था देर रात जो मरीज आते हैं उन्हें जिला चिकित्सालय में किस प्रकार की सुविधाएं मिलती है। उन्होंने आगे बताया कि निरीक्षण के दौरान आईसीयू में कोई नहीं था। इतना ही नहीं बच्चों के सीआईसी वार्ड में भी कोई जिम्मेदार चिकित्सक या नर्स की उपस्थिति नहीं थी। ऐसे में यदि किसी मासूम बच्चे के साथ कुछ हो जाता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा??

उन्होंने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम जिला चिकित्सालय की व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाएं। देर रात में आने वाले मरीजों को उपचार से संबंधित सारी सुविधाएं मिले।

कलेक्टर ने कहा कि हम जनता के सेवक हैं और डीएमएफ मद से चिकित्सकों को भारी-भरकम वेतन दे रहे हैं। ऐसे में उनका फर्ज बनता है कि ड्यूटी के समय में वह पूरी ईमानदारी के साथ मरीजों का उपचार करें एवं उनके साथ उचित व्यवहार भी करें, कलेक्टर ने कहा कि जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनहत भी गये थे। जहां उन्हें केवल एक नर्स ड्यूटी में मिली और बाकी स्टॉफ़ नदारद था। ऐसे में सभी गैर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। जिला मुख्यालय के साथ ही अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था में सुधार लाया जायेगा।

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