छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के इस जगह में टॉयलेट में रहती थी बुजुर्ग महिला, पंचायत ने ली सुध

पांच माह से शौचालय में रहने को मजबूर बुजुर्ग कमार महिला चैती बाई की ग्राम पंचायत ने सुध ली है ग्राम पंचायत बारुका के सरपंच और सचिव ने बुजुर्ग महिला को खाने पीने सहित दो कंबल, साड़ी, चावल, पैसा दिया है।

पंचायत सचिव रसूल खान ने बताया कि बीच-बीच में ध्यान देते रहेंगे। सचिव ने यह भी बताया कि जो बुजुर्ग महिला का देवर और नाती जो उसका पैसा और राशन खा जाते थे, वह कहीं भाग गए हैं।

हम लोगों ने महिला को शौचालय से निकालकर उसे उसके सही जगह परिवार के देखरेख में रखे हैं। पिछले पांच माह से 80 साल की बुजुर्ग महिला स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए शौचालय में रहने को मजबूर थी।

इस ओर न तो ग्राम पंचायत, जिला प्रशासन और न ही समाज ने ध्यान दिया था। जबकि जिले में कमार भुजिया जनजाति के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित है, जो धरातल पर कम नजर आता है।

बता दें कि जिले में इन जनजातियों के लोग अशिक्षित हैं वहीं उन्हें उनकी योजनाओं की जानकारी नहीं है, जिसका फायदा कोई और उठा रहा है।

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