छत्तीसगढ़

कलेक्टर ने जाँची जेल की रोटियां, बंदियों के लिए बनाए जा रहे खाने का चखकर देखा स्वाद

कलेक्टर डॉ संजय अलंग ने बुधवार को केंद्रीय जेल का निरीक्षण किया। जेल की पाकशाला में जाकर बंदियों के लिए बनाई जा रही रोटियों का स्वाद चखा और दाल और सब्जियों की गुणवत्ता परखी।

उन्होंने जेल की सुरक्षा व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सुविधाएं, ई-कोर्ट एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डॉ अलंग ने बंदी बैरकों में जाकर व्यवस्था देखीं। उन्होंने जेल में कैदियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया।

डॉ अलंग ने वहां मौजूद डॉक्टरों से कैदियों के इलाज के बारे में पूछताछ की। उन्होंने कहा कि बीमार कैदियों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही कैदियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी कराते रहें। जिन कैदियों की उम्र अधिक हो चुकी है, उनके स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। डॉ अलंग ने कैदियों के लिए बन रहे खाना की गुणवत्ता का भी निरीक्षण किया।

उन्होंने वहां बन रही रोटी को स्वयं खाकर देखा। इसके साथ ही दाल, सब्जी आदि की भी गुणवत्ता जांची। उन्होंने जेल अधीक्षक को निर्देश दिए कि कैदियों को निर्धारित मेन्यु के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने वहां विभिन्न पंजियों का भी निरीक्षण किया।

डॉ अलंग ने जेल में कैदियों को दिए जा रहे रोजगारपरक प्रशिक्षण का भी निरीक्षण किया।उन्होंने हथकरघा, सिलाई-बुनाई, कढ़ाई, कारपेंटर, लाउंड्री आदि कार्यों में लगे कैदियों से बातचीत की। कैदियों ने बताया कि जेल में ही रोजगार मिलने से उनका समय तो कटता ही है साथ ही आय भी होती है।

डॉ अलंग ने कहा कि जो भी कैदी जेल से छूटें वे भविष्य में ऐसा कोई काम ना करें कि उन्हें जेल आना पड़े। निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक एसएस तिग्गा, एसडीएम कीर्तिमान सिंह राठौर, नजूल अधिकारी देवेंद्र पटेल उपस्थित रहे।

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