बिलासपुर। CG Video : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व में हुई फायरिंग की घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े और गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना दिसंबर के अंतिम सप्ताह की बताई जा रही है, जिसका वीडियो सामने आने के बावजूद एटीआर प्रबंधन ने लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
मामला तब तूल पकड़ने लगा, जब वन मुख्यालय से दबाव बनाया गया। इसके बाद प्रबंधन हरकत में आया और आनन-फानन में तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन चौथा आरोपी अब भी फरार है। जानकारी के मुताबिक, फरार आरोपी एक भाजपा नेता का बेटा बताया जा रहा है, जिसको लेकर कार्रवाई पर राजनीतिक दबाव के आरोप लग रहे हैं।बताया जा रहा है कि आरोपी को पकड़ने के लिए सर्च वारंट जारी किया गया, इसके बावजूद एटीआर प्रबंधन उसे पकड़ने में अब तक नाकाम रहा है।

इस पूरे मामले ने वन विभाग की निष्पक्षता और सख्ती पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड के सदस्य गोपाल अग्रवाल ने मुख्यमंत्री सहित केंद्रीय और राज्य वन मंत्री को पत्र लिखकर डिप्टी डायरेक्टर को हटाने की मांग की है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि सुरही रेंज रसूखदारों के लिए एटीआर में प्रवेश का आसान रास्ता बन चुकी है, जहां न तो बैरियर पर सख्ती है और न ही नियमों का पालन। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या अचानकमार जैसे संवेदनशील टाइगर रिजर्व में वन्यजीव सुरक्षित हैं, या फिर रसूख के आगे कानून बेबस नजर आ रहा है? जवाब का इंतजार पूरे प्रदेश को है।


