अंगेश हिरवानी, धमतरी। Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी विकासखंड अंतर्गत उड़ीसा सीमा से लगे ग्राम बोराई में एक महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर क्रिसमस डे पर विवाद की स्थिति बन गई। बताया गया कि महिला ने कुछ वर्ष पहले ईसाई धर्म अपनाया था। निधन के बाद परिजन गांव में ही शव दफनाने की तैयारी कर रहे थे, जिसका गांव के कुछ लोगों ने विरोध किया।
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विरोध के बाद परिजन शव को लेकर नगरी नगर पहुंचे, जहां दफनाने के लिए गड्ढा खोदा गया। इसकी जानकारी मिलते ही नगरी नगर के लोगों ने भी वहां अंतिम संस्कार पर आपत्ति जताई, जिससे तनाव की स्थिति और बढ़ गई।
ग्रामीणों की आपात बैठक
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। हालात को नियंत्रित करने के लिए शव को दोबारा ग्राम बोराई ले जाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद गांव में सभी पांचों मुहल्लों के ग्रामीणों की आपात बैठक आयोजित की गई, जो देर रात तक चली।
हिंदू परंपरा के अनुसार हुआ अंतिम संस्कार
बैठक में यह सहमति बनी कि यदि परिवार हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार करता है, तो गांव में अंतिम संस्कार की अनुमति दी जाएगी। सहमति के बाद शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे शव को श्मशान घाट ले जाकर हिंदू परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया।
इस दौरान ग्राम सरपंच, गांव के प्रमुख लोग, विभिन्न समाज के प्रतिनिधि, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस–प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
गौरतलब है कि इससे पहले कांकेर जिले के आमाबेड़ा गांव में भी इसी तरह का मामला सामने आया था, जिसने उग्र रूप ले लिया था। इसे देखते हुए प्रशासन इस पूरे मामले को लेकर बेहद सतर्क रहा। प्रशासन ने बताया कि फिलहाल ग्राम बोराई और नगरी क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। लोगों से शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है।


