राकेश मिश्रा, बिलासपुर। CG News : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड की ग्राम पंचायत उड़ागी में मनरेगा के तहत बड़ा घोटाला सामने आया है। ग्रामीणों ने रोजगार सहायक पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए बताया कि पीएम आवास योजना के तहत स्वीकृत करीब 150 मकानों में मजदूरी करने वालों को भुगतान नहीं किया गया।
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ग्रामीणों का कहना है कि जिन्होंने मकान निर्माण में मेहनत की, उनके नाम मस्टररोल में नहीं जोड़े गए। इसके बजाय ऐसे लोगों के नाम दर्ज किए गए, जिन्होंने कोई कार्य ही नहीं किया।
150 मकानों में फर्जीवाड़ा
पीड़ित अशोक मरावी ने बताया कि गांव में पीएम आवास योजना के अंतर्गत 229 मकान स्वीकृत हुए थे, जिनमें से 150 मकानों में यह फर्जीवाड़ा हुआ है। रोजगार सहायक पर आरोप है कि उसने फर्जी मस्टररोल बनाकर लगभग 31 लाख 50 हजार रुपये का गबन किया है। इस घोटाले से मजदूरों को उनका मेहनताना नहीं मिल पाया और शासन की योजनाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लग गया है।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत के सीईओ को जांच के निर्देश दिए हैं। अब देखना होगा कि दोषियों पर कब तक कार्रवाई होती है।


