दुर्ग। CG NEWS : गजेंद्र यादव भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं और दिसंबर 2023 से विधानसभा की दुर्ग शहर (AC-64) सीट के विधायक हैं। उन्होंने 3 दिसंबर 2023 को घोषित नतीजों में 97,906 वोट पाकर कांग्रेस के पूर्व विधायक अरुण वोरा को 48,697 मतों से हराया।
गजेंद्र यादव का जन्म 1978 में हुआ था।
पिता का नाम बिसराम यादव है।
पत्नी का नाम रेणुका यादव हैं।
दो बच्चे हैं एक लड़का और एक लड़की हैं।
उनकी शैक्षणिक योग्यता एम.ए. (2003) पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर बताई गई है,
2016 में छत्तीसगढ़ में RSS की एक बैठक की अध्यक्षता प्रांत संघचालक बिसरा राम यादव ने की थी यानी उनके पिता RSS के वरिष्ठ पदाधिकारी रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में यादव समुदाय लगभग 20–23 लाख (करीब 7–8%) के आसपास हो सकता है।
20 अगस्त के कैबिनेट विस्तार में गजेंद्र यादव को मंत्री बनाकर शपथ दिलाए जाएगा।
इसके संभावित राजनीतिक कारणों में
(i) OBC/यादव समुदाय का प्रतिनिधित्व बढ़ाना,
(ii) शहरी दुर्ग-भिलाई बेल्ट से सशक्त चेहरा,
(iii) 2023 में बड़ी जीत का मार्जिन
(iv) संगठन/संघ पृष्ठभूमि का योगदान कोटा-क्षेत्रीय संतुलन के लिहाज़ से शामिल किया गया।
दुर्ग शहर विधायक गजेंद्र यादव को मंत्री बनाए जाने पर क्षेत्रवासियों और यादव समाज ने खुशी जाहिर की। लोगों ने कहा कि इससे समाज को मजबूत प्रतिनिधित्व मिलेगा और दुर्ग-भिलाई के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।
अविभाजित मध्य प्रदेश में सबसे कम उम्र के पार्षद का रिकार्ड
दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव का जन्म 15 जुलाई 1978 को हुआ था। वो कचहरी वार्ड दुर्ग के मारवाड़ी विद्यालय से प्राथमिक, मिडिल /हायर की शिक्षा सरकारी स्कूल दुर्ग से और स्नाकोत्तर की शिक्षा साइंस कॉलेज दुर्ग से ली। भिलाई में फिटर ट्रेड से आईटीआई किये। किसान परिवार में जन्में गजेन्द्र यादव ने राज्य मुख्य आयुक्त स्काऊट -गाइड के रूप में प्रदेश को नई पहचान दिलाई। अविभाजित मध्यप्रदेश में सबसे कम उम्र के पार्षद होने का रिकार्ड बनाया। गजेन्द्र यादव 21 वर्ष की आयु में अविभाजित मध्यप्रदेश के सबसे कम उम्र का पार्षद निर्वाचित होने रिकार्ड कायम करने के साथ ही शहर की जनता का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया। वहीं राज्य मुख्य आयुक्त स्काऊट गाइड के रूप में बेहतर कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ को देश में नई पहचान दिलाने के साथ राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आए। वे महज 35 वर्ष की आयु में देश के सबसे कम उम्र के स्काऊट गाइड के राज्य मुख्य आयुक्त रहे ।राज्य मुख्य आयुक्त के रूप में उनके कार्यों की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी तारीफ हुई। राज्य मुख्य आयुक्त के रूप सबसे कम समय में देश स्काउट गाइड में छत्तीसगढ़ की उल्लेखनीय भूमिका को देखते हुए वर्ष 2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने प्रदेश को स्काऊट गाइड का सर्वोच्च सम्मान दिया।
छात्र जीवन से राजनीतिक सफर की शुरुआत
गजेन्द्र यादव ने वर्ष 1996 में साइंस कालेज दुर्ग से बीएससी की पढ़ाई के दौरान अपनी राजनीतिक सफर की शुरुआत करते हुए दिवंगत ताराचंद साहू के लोकसभा चुनाव में भाजपा कार्यकर्ता के रूप में जमीनी स्तर पर सक्रिय रूप से कार्य किया। इसके बाद वर्ष 1998 में हुए लोकसभा चुनाव में भी ताराचंद साहू के लिए सक्रिय रूप से कार्य किया। उनकी सक्रियता को देखते हुए भाजपा ने उन्हें वार्ड अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी। अध्यक्ष के रूप में वर्ष 1998 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी रहे हेमचंद यादव के लिए काम किया।
पांच बार के पार्षद और पूर्व उपमहापौर को हराकर आए चर्चा में
भाजपा ने वर्ष 1999 में दुर्ग नगर निगम चुनाव में उन्हें कचहरी वार्ड से प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में गजेन्द्र ने पांच बार के पार्षद और पूर्व उपमहापौर रहे खेमलाल सिन्हा को हराकर पार्षद निर्वाचित हुए। वर्ष 2005 तक पार्षद रहे। राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद तत्कालीन शिक्षामंत्री मेघाराम साहू ने वर्ष 2005 में गजेन्द्र यादव को स्काउट गाइड का राज्य सचिव नियुक्त किया। पार्टी ने उन्हें वर्ष 2009 में भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी दी थी।


