रायपुर। शिवाशा फाउंडेशन के निःशुल्क आवासीय कोचिंग प्रोग्राम LEAD-36GARH ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। कार्यक्रम में शामिल चार छात्रों ने CGPSC सिविल सेवा परीक्षा की अंतिम चयन सूची में स्थान प्राप्त किया है। इनमें तीन छात्र मुख्य सूची में तथा एक छात्र प्रतीक्षा सूची में शामिल है।
चयनित अभ्यर्थी—

1️⃣ सुष्मिता (बेमेतरा) — डिप्टी कलेक्टर
2️⃣ यामिनी (दुर्ग/मोहला) — पुलिस उपाधीक्षक (DSP)
3️⃣ दुर्योधन (कांकेर/बस्तर) — सहकारिता अधिकारी
4️⃣ मनीषा (कोरिया/सरगुजा) — आबकारी निरीक्षक (प्रतीक्षा सूची)
ये सभी विद्यार्थी छत्तीसगढ़ के अत्यंत ग्रामीण और कम प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों से आते हैं। संसाधनों की कमी के बावजूद इन छात्रों ने अपनी मेहनत, अनुशासन और शांत दृढ़ता के बल पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
इनकी सफलता यह सिद्ध करती है कि यदि वंचित और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को फोकस्ड मेंटरशिप, स्ट्रक्चर्ड गाइडेंस और उचित शिक्षण माहौल मिले, तो वे उत्कृष्ट परिणाम दे सकते हैं।
यह उपलब्धि उनकी उस सोच को मजबूती देती है कि “जब अवसर आखिरी मील तक पहुँचता है, तब समाज के हर कोने से नेतृत्व उभर कर आता है।” चयनित युवा अधिकारी अब ईमानदारी, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ राज्य की सेवा करेंगे।
फाउंडेशन ने बताया कि LEAD-36GARH कार्यक्रम वंचित युवाओं को कोचिंग, देखभाल और आत्मविश्वास के माध्यम से सशक्त बनाने की एक मिशन-आधारित पहल है, और आने वाले वर्षों में भी ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को संवारने का काम जारी रहेगा। यह सफलता पूरे शिवाशा फाउंडेशन परिवार के लिए गर्व का क्षण है।





