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नागरिकता संशोधन कानून CAA (सीएए) के खिलाफ 140 याचिकाओं से ज्यादा पर आज होगी सुनवाई

विरोध-प्रदर्शनों के बीच सुप्रीम कोर्ट आज नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ और समर्थन में दायर कुल 140 से ज्यादा याचिकाओं पर आज सुनवाई करेगा। इनमें एक याचिका केंद्र सरकार ने भी दायर की है। याचिकाकर्ताओं ने इस कानून को संविधान की मूल भावना के खिलाफ और विभाजनकारी बताते हुए रद्द करने का आग्रह किया है।

अधिकतर याचिकाओं में नागरिकता संशोधन कानून की वैधता को चुनौती दी गई है, वहीं कुछ याचिकाओं में इस कानून को संवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षतता वाली तीन सदस्यी पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है।

बता दें कि मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, जस्टिस एस अब्दुल नजीर तथा जस्टिस संजीव खन्ना की तीन सदस्यीय पीठ ने नौ जनवरी को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। अदालत ने नागरिकता कानून को लेकर विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिंसक घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि याचिकाओं पर तभी सुनवाई होगी जब हिंसक घटनाएं बंद हो जाएगी।

इस मामले में कांग्रेस नेता जयराम रमेश, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा और इंडियन मुस्लिम लीग समेत कई लोगों और संगठनों ने यचिका दायर की हैं।याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह कानून भारत के पड़ोसी देशों से हिंदू, बौद्ध, ईसाई, पारसी, सिख और जैन समुदाय के सताए हुए लोगों को नागरिकता देने की बात करता है, लेकिन इसमें जानबूझकर मुसलमानों को शामिल नहीं किया गया है।

पिछले साल 18 दिसंबर को सीएए की संवैधानिकता की समीक्षा करने का फैसला अदालत ने किया था और इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। आपको बता दें कि संशोधित कानून में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 तक आए हिंदू, सिख, पारसी, बौद्ध, जैन और ईसाई समुदाय के लोगों को भारत की नागरिकता देने का प्रावधान है।

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