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ब्लड प्रेशर को ऐसे करें कंट्रोल, तुलसी है बड़ी गुणकारी, जानिए तुलसी के फायदे

उक्तरक्तचाप विश्व स्वास्थ्य बहस का एक मुद्दा रहा है, जिससे दुनियाभर में लगभग एक करोड़ लोग पीड़ित हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का अनुमान है कि उच्च रक्तचाप स्ट्रोक से होने वाली कम से कम 51 प्रतिशत मौतों के लिए जिम्मेदार है, और 45 प्रतिशत मौतें दिल की बीमारी के कारण होती हैं।

अमेरिकन जर्नल ऑफ फिजिआलजी- एंडोक्रिनॉलजी एण्ड मेटाबोलिज्म में प्रकाशित शोध में मैक्डोनो ने जनसंख्या, हस्तक्षेप व आणविक तंत्र के अध्ययनों पर नजर डाली है, जिनमें उक्त रक्तचाप पर सोडियम और पोटैशियम युक्त भोजन के प्रभावों की जांच की गई है।

हाई ब्लड प्रेशर को ऐसी स्थिति के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जिसमें धमनी वॉल्‍स में खून का दबाव बढ़ जाता है. यदि आपका ब्लड प्रेशर लगातार 130/100 मिमीएचजी से अधिक है, तो आपको हाई ब्‍लड प्रेशर का खतरा हो सकता है. हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को अक्सर अपनी डाइट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है. सस्ते परिष्कृत तेल में पके हुए उच्च सोडियम खाद्य पदार्थ या खाद्य पदार्थ, हाई ब्‍लड प्रेशर से निपटने वाले व्यक्ति के लिए आदर्श नहीं हैं. एक जड़ी-बूटियां हैं जिसका उपयोग आप अपने ब्लड प्रेशर के लेवल को कंट्रोल करने के लिए कर सकते हैं. इस जड़ी-बूटी का नाम है तुलसी.

हाइपरटेंशन से परेशान लोग बहुत सी दूसरी परेशानियों से भी गुजरते हैं. यह आपकी सेहत को पूरी तरह से प्रभावित करता है. अगर इसका समय रहते इलाज नहीं किया जाता, तो हाई ब्‍लड प्रेशर दिल की समस्‍याओं और यहां तक कि स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ा सकता है. ऐसे में अगर आप सेहत का ध्यान नहीं देते तो समस्या और बड़ी हो सकती है।

अगर आप हाइपरटेंशन से बचना चाहते हैं या इससे परेशान हैं और राहत पाना चाहते हैं तो इसमें तुलसी आपकी मदद कर सकती है।

तुलसी, भारत में सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण जड़ी-बूटी है. आयुर्वेद विशेषज्ञों ने कई शताब्दियों पहले इसके औषधीय गुणों को पहचाना और विभिन्न स्वास्थ्य समस्‍याओं के इलाज में इसे बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया. पश्चिम में भी धीरे-धीरे इस जड़ी-बूटी को अपनाया जा रहा है.

हाइपरटेंशन में तुलसी के नुस्खे आएंगे काम

  1. तुलसी में पाए जाने वाले आवश्यक तेल, प्रभावी ढंग से हमारे श्वसन प्रणाली पर कार्य करते हैं और ठंड और फ्लू से बचा सकते हैं.
  2. तुलसी में एंटीबायोटिक, एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरिया और एंटी-कैंसरजन्य गुण होते हैं.
  3. भारत के लखनऊ सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुताबिक, तुलसी शरीर में तनाव हार्मोन – कोर्टिसोल के सामान्य स्तर को बनाए रखने में मदद करती है.
  4. यह ब्‍लड प्रेशर के लेवर को बढ़ने से रोकती है.
  5. तुलसी में मौजूद परिवर्तनशील तेल भी आपके ब्‍लड प्रेशर के लेवल को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं.

जर्नल स्टडीज ऑफ एथनो-मेडिसिन के अनुसार, नीम और तुलसी का संयोजन अपने सक्रिय यौगिकों के कारण ब्‍लड प्रेशर के लेवल को कम करने के लिए फायदेमंद है.

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस जड़ी-बूटी में पाए जाने वाले रासायनिक यूजीनॉल में ब्‍लड वाहिकाओं को मजबूत करने वाले पदार्थों को अवरुद्ध करने की क्षमता होती है. यदि आपकी ब्‍लड वाहिका संक्रामक नहीं हैं, तो आपका ब्‍लड फ्लो स्‍मूथ रहेगा और आपका बीपी नॉर्मल रहेगा. हालांकि ब्‍लड प्रेशर को कम करने के लिए तुलसी के निर्णायक निष्‍कर्षों के लिए अधिक अध्ययन की आवश्यकता है।

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