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छत्तीसगढ़: पीएल पुनिया का हस्तक्षेप, टी.एस. सिंहदेव और बृहस्पत सिंह के बीच हुई सुलह, एमपी गृहमंत्री ने कसा तंज…

रायपुर: कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह के अपने ही सरकार के कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव पर लगाए गए आरोपों की आंच आज छत्तीसगढ़ विधानसभा तक पहुंच गई। विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाते हुए सरकार को जमकर घेरा। विपक्ष के हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही 2 बार स्थगित भी हुई, लेकिन शाम ढलते-ढलते प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया की सिंहदेव और बृहस्पत से चर्चा हुई। मुलाकात के बाद पुनिया ने कहा कि मामले का पटापेक्ष हो गया।

रामानुजगंज से कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह का ये बयान शनिवार को उनके काफिले पर हुए हमले के बाद सामने आया। रविवार को 20 विधायकों के साथ मीडिया के सामने आए और कहा कि टीएस सिंहदेव मेरी हत्या करवा सकते हैं। बृहस्पत सिंह ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री बघेल और प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया से भी की और पार्टी हाईकमान से सिंहदेव को मंत्री पद से हटाने की मांग की। बृहस्पत सिंह ने ये भी दावा किया कि मुख्यमंत्री बघेल की तारीफ करने के कारण उनपर हमला हुआ। इस पर टीएस सिंहदेव ने कहा कि भावनाओं में आकर उन्होंने ऐसी बात कही होगी, जनता मुझे जानती है, हो सकता है मेरे से उनकी नाराजगी हो।

बृहस्पत सिंह के आरोपों के बाद प्रदेश का सियासी पारा हाई हो गया है। मंत्री टीएस सिंहदेव पर लगाए गए आरोपों की आंच सोमवार को विधानसभा तक पहुंची। विपक्ष ने इसे मुद्दा बनाते हुए सरकार को जमकर घेरा। विपक्ष के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित हुई। बीजेपी नेताओं ने तंज कसा कि ढाई साल आते-आते कांग्रेस पूरी तरह विभाजित हो गई है। हमले को दुर्भाग्यजनक बताते हुए बीजेपी नेताओं ने विधानसभा समिति से मामले की जांच की मांग की।

विपक्ष के हंगामें के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार की ओर पक्ष रखते हुए कहा कि सभी विधायकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है, इसमें कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। वहीं संसदीय कार्यमंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि अखबारों की कतरन के आधार पर विपक्ष आरोप लगा रहा है, जो गलत है। पूरे प्रकरण को लेकर सत्ता पक्ष विपक्षी नेताओं के हमलों पर जवाब देती नजर आई, तो दूसरी ओर इसे लेकर पार्टी के भीतर भी लड़ाई खुलकर सामने आ गई है। बृहस्पत सिंह के हाईकमान को पत्र लिखने के बाद सूरजपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर बृहस्पत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

बृहस्पत-सिंहदेव विवाद पर एमपी के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में कबीलों की तरह लड़ाई हो रही है। मामले को तूल पकड़ता देख प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया फ्लाइट छोड़कर विधानसभा लौटे और मुख्यमंत्री के कक्ष में टीएस सिंहदेव और बृहस्पत सिंह से की चर्चा की। अब सवाल ये है कि पुनिया के हस्तक्षेप के बाद क्या इस मामले का पटाक्षेप होगा, क्योंकि विपक्ष के तेवर बताते हैं कि लंबे समय बाद उन्हें मजबूती से चल रहे कांग्रेस सरकार के खिलाफ कुछ बोलने का बड़ा मौका मिला है। वो भी कांग्रेस के ही भीतर कद्दावर मंत्री और आदिवासी विधायक से जुड़ा हुआ है।

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