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जानिए घट स्थापना की विधि, नवरात्री में बहुत महत्वपूर्ण है घट स्थापना, इस मंत्र का करें प्रयोग

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी हिंदू नव वर्ष का पहला दिन इसी दिन से वासंतिक नवरात्रि(इस बार 06 अप्रैल,शनिवार)से प्रारंभ भी होता है। इन 9 दिनों में मां दुर्गा की विशेष आराधना की जाती है। हिंदू परिवारों में नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना की जाती है,जिसमें जवारे(एक प्रकार का धान)बोया जाता है। इसकी विधि इस प्रकार है-

घट स्थापना की विधि

सबसे पहले उस स्थान को गाय के गोबर से लीपें,जहां घट स्थापना करनी हो। एक बड़े मिट्टी के दीपक में जौ बोएं। इस दीपक को पूजा के स्थान पर स्थापित कर दें। अब अपनी इच्छा के अनुसार मिट्टी,तांबे,चांदी या सोने का कलश लें। इस कलश में कुएं का पानी भरकर इसमें पूजा करें । सुपारी,सिक्का,हल्दी की गांठ डाल दें। अब इस कलश के ऊपर पान (डंठल वाले) या अशोक के पत्ते के साथ नारियल रख दें। यह कलश पूजन स्थान पर स्थापित कर दें। कलश के नीचे थोड़े गेहूं भी रखें। अबीर,गुलाल,कुम -कुम,फूल व चावल से इस कलश की पूजा करें।

अखंड ज्योत जलाने की विधि

घट स्थापना के साथ अखंड ज्योत भी जलाई जाती है। इसके लिए पूजा स्थान पर ही गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं तथा कुम कुम, चावल व फूल से उसकी पूजा करें। नीचे लिखे मंत्र को बोलते हुए दीपक की स्थापना करें-

भो दीप ब्रह्मरूपस्त्वं ह्यन्धकारनिवारक।
इमां मया कृतां पूजां गृह्णंस्तेज: प्रवर्धय।।

ये हैं घट स्थापना का शुभ मुहूर्त

घटस्थापना शुभ मुहूर्त
सुबह 06:11 से सुबह 10:20

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