उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का विशेष पूजन-अभिषेक और मनमोहक श्रृंगार किया गया। तड़के सुबह होने वाली इस आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए और ‘जय श्री महाकाल’ के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा।
तड़के खुले मंदिर के पट
भस्म आरती के लिए श्री महाकालेश्वर मंदिर के पट तड़के खोले गए। इसके बाद गर्भगृह में भगवान महाकाल सहित स्थापित देवी-देवताओं का विधि-विधान से पूजन किया गया। बाबा महाकाल का जलाभिषेक करने के बाद दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से तैयार पंचामृत से अभिषेक किया गया।
पूजन-अभिषेक के बाद बाबा महाकाल का आकर्षक श्रृंगार किया गया। आरती के दौरान मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए।

भस्म अर्पित कर हुई आरती
महाकालेश्वर मंदिर की सबसे प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल भस्म आरती प्रतिदिन तड़के आयोजित होती है। मंदिर की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पर भस्म आरती की परंपरा विशेष पहचान रखती है और इस दौरान ज्योतिर्लिंग को पवित्र भस्म से अलंकृत किया जाता है।
2 अक्टूबर की भस्म आरती में भी बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई। इसके बाद कपूर आरती और अन्य धार्मिक विधियां संपन्न हुईं।
जयकारों से गूंजा महाकाल मंदिर
बाबा महाकाल के दर्शन के दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। मंदिर परिसर में ‘जय श्री महाकाल’ और भगवान शिव के जयकारे गूंजते रहे। देश के अलग-अलग हिस्सों से उज्जैन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए भस्म आरती का दर्शन विशेष धार्मिक महत्व रखता है।
महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार, मंदिर में भस्म आरती, शीघ्र दर्शन, पूजन-अभिषेक और अन्य सेवाओं के लिए ऑनलाइन व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं।
रोज होती है भस्म आरती
श्री महाकालेश्वर मंदिर को देश के प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष स्थान प्राप्त है। मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, महाकालेश्वर 12 ज्योतिर्लिंगों में एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। यहां प्रतिदिन भस्म आरती आयोजित की जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
2 अक्टूबर 2026 को बाबा महाकाल के भस्म आरती श्रृंगार के ये दिव्य दर्शन श्रद्धालुओं के लिए आस्था और भक्ति का विशेष अवसर रहे।

