रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण का असर लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान बड़ी संख्या में नए मरीज सामने आने के बाद स्वाइन फ्लू से संक्रमित लोगों का कुल आंकड़ा 205 तक पहुंच गया है। इनमें 57 मरीज फिलहाल एक्टिव बताए जा रहे हैं, जबकि 44 संक्रमित अलग-अलग अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं।
सबसे ज्यादा चिंता राजधानी रायपुर को लेकर है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सामने आए नए मामलों में रायपुर सबसे आगे रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार रायपुर में 12 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। इसके बाद दुर्ग में भी नए मामले सामने आए हैं। लगातार बढ़ते मामलों के कारण राजधानी में संक्रमण के फैलाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी बढ़ गई है।
एक दिन में 26 नए मरीज मिलने से बढ़ी चिंता
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार को प्रदेश में 26 नए स्वाइन फ्लू संक्रमित मिले। इसके साथ ही इस साल अब तक सामने आए कुल मामलों की संख्या 205 हो गई। रिपोर्टों के अनुसार रायपुर में 12 और दुर्ग में 4 नए मरीज मिले हैं।
हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में पिछले 24 घंटे के नए मामलों की संख्या में अंतर दिखाई दे रहा है, लेकिन सभी रिपोर्ट इस बात पर एकमत हैं कि प्रदेश में संक्रमण तेजी से बढ़ा है और कुल आंकड़ा 200 के पार पहुंच चुका है।
रायपुर में सबसे ज्यादा मरीज
राजधानी रायपुर इस समय प्रदेश के सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल है। अब तक रायपुर में 89 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद बिलासपुर और दुर्ग में भी बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए गए हैं।
रायपुर में लगातार नए मामले सामने आने के कारण स्वास्थ्य विभाग के सामने संक्रमण की चेन को रोकने की चुनौती बढ़ गई है। खासकर बारिश और मौसम में बदलाव के दौरान वायरल संक्रमण तेजी से फैलने की आशंका रहती है।
57 मरीजों का इलाज जारी
प्रदेश में अब तक सामने आए 205 संक्रमितों में से 57 मरीजों का उपचार जारी है। इनमें से 44 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती बताए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से संभावित मरीजों की पहचान, जांच और समय पर इलाज सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
रायगढ़ जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू के मरीजों के उपचार के लिए अलग-अलग 10-10 बेड की व्यवस्था किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। जरूरत पड़ने पर बेड की संख्या बढ़ाने की तैयारी है।
क्या है स्वाइन फ्लू?
स्वाइन फ्लू को आमतौर पर H1N1 इंफ्लुएंजा वायरस से होने वाला संक्रमण माना जाता है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस के दौरान निकलने वाली सूक्ष्म बूंदों के संपर्क में आने से फैल सकता है।
इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, कमजोरी और थकान शामिल हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है।
विशेष रूप से बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को फ्लू जैसे लक्षण होने पर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
अगर किसी व्यक्ति को लगातार बुखार, खांसी, गले में खराश या शरीर में तेज दर्द हो रहा है तो इसे सामान्य वायरल समझकर लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी या हालत बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग की सलाह के मुताबिक बीमारी के लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों से दूरी बनाना और डॉक्टर की सलाह लेना संक्रमण को आगे फैलने से रोकने में मदद कर सकता है।
बचाव के लिए क्या करें?
स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए कुछ सामान्य सावधानियां बेहद महत्वपूर्ण हैं—
- खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें।
- हाथों को साबुन और पानी से नियमित रूप से साफ करें।
- फ्लू जैसे लक्षण होने पर अनावश्यक रूप से भीड़ में जाने से बचें।
- संक्रमित व्यक्ति के बेहद करीब जाने से बचें।
- इस्तेमाल किए गए टिश्यू या मास्क को उचित तरीके से नष्ट करें।
- तेज बुखार या सांस संबंधी परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
- बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाइयां न लें।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर
प्रदेश में बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग की ओर से निगरानी और उपचार व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। अस्पतालों में संभावित मरीजों की पहचान और उन्हें आवश्यकता के अनुसार अलग रखकर उपचार देने की व्यवस्था की जा रही है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजधानी रायपुर में लगातार सामने आ रहे नए मामलों पर कितनी जल्दी नियंत्रण पाया जाता है। प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 205 तक पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग के लिए अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

