सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर ब्लॉक के खम्हरिया स्थित बालिका छात्रावास में छात्राओं की शिकायत के बाद हड़कंप मच गया है। हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने वहां तैनात महिला गार्ड पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं का आरोप है कि गार्ड उनसे अपने निजी काम करवाती थी, जिसमें कपड़े और वर्दी धुलवाने के साथ-साथ रात में मालिश करवाना भी शामिल है। मामला सामने आने के बाद आदिवासी विकास विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है और महिला गार्ड को छात्रावास से हटाने की प्रक्रिया चल रही है।
निरीक्षण के दौरान छात्राओं ने बताई अपनी परेशानी
जानकारी के मुताबिक उदयपुर क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य राधा रवि कुछ दिन पहले खम्हरिया बालिका छात्रावास के निरीक्षण के लिए पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से हॉस्टल की व्यवस्था, भोजन और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
बातचीत के दौरान कुछ छात्राएं भावुक हो गईं और उन्होंने महिला गार्ड के खिलाफ शिकायत की। छात्राओं ने बताया कि वे लंबे समय से परेशान थीं, लेकिन डर की वजह से अपनी बात किसी के सामने नहीं रख पा रही थीं।
छात्राओं से कपड़े धुलवाने का आरोप
छात्राओं ने आरोप लगाया कि महिला गार्ड उनसे अपने निजी काम करवाती थी। छात्राओं के मुताबिक उनसे गार्ड की वर्दी और अन्य कपड़े तक धुलवाए जाते थे।
इतना ही नहीं, छात्राओं ने रात के समय गार्ड द्वारा उनसे शरीर की मालिश करवाने का भी आरोप लगाया है। छात्राओं का कहना है कि इन कामों को लेकर वे असहज थीं, लेकिन विरोध करने की स्थिति में उन्हें कथित तौर पर डराया-धमकाया जाता था।
विरोध करने पर हॉस्टल से निकालने की धमकी का आरोप
छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे निजी काम करने से मना करती थीं तो उन्हें हॉस्टल से बाहर निकलवाने और भविष्य खराब करने की बात कहकर डराया जाता था।
छात्राओं के अनुसार इसी डर के कारण वे लंबे समय तक चुप रहीं। उन्होंने यह भी बताया कि परीक्षा के समय भी उनसे कथित तौर पर ऐसे काम करवाए जाते थे। छात्राओं का कहना है कि शिकायत की जानकारी गार्ड को होने पर उन्हें और परेशान किए जाने का डर रहता था।
जिला पंचायत सदस्य ने अधिकारियों को दी जानकारी
छात्राओं की शिकायत सुनने के बाद जिला पंचायत सदस्य राधा रवि ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ललित शुक्ला को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी और छात्राओं से निजी काम करवाने की शिकायत पर कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उन्हें किसी से डरने की जरूरत नहीं है और हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं से किसी भी कर्मचारी को निजी काम कराने का अधिकार नहीं है।
गार्ड को हटाने की प्रक्रिया शुरू
शिकायत सामने आने के बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक महिला गार्ड को छात्रावास से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों की ओर से मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
खम्हरिया के इस बालिका छात्रावास में कक्षा 6वीं से 12वीं तक की करीब 80 छात्राएं रहती हैं। ऐसे में छात्राओं की सुरक्षा और हॉस्टल में सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना विभाग के लिए अहम जिम्मेदारी है।
छात्राओं की सुरक्षा पर उठे सवाल
बालिका छात्रावास में रहने वाली छात्राएं अपने घर-परिवार से दूर रहकर पढ़ाई करती हैं। ऐसे में हॉस्टल के कर्मचारियों की जिम्मेदारी केवल व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि छात्राओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
इस मामले में छात्राओं की ओर से लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी। फिलहाल शिकायत सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है और महिला गार्ड को हटाने की प्रक्रिया चल रही है।
मुख्य बातें
- मामला सरगुजा के उदयपुर ब्लॉक के खम्हरिया बालिका छात्रावास का है।
- छात्राओं ने महिला गार्ड पर निजी काम कराने के आरोप लगाए हैं।
- गार्ड की वर्दी और कपड़े धुलवाने का आरोप।
- रात में मालिश करवाने का भी छात्राओं ने आरोप लगाया।
- विरोध करने पर डराने-धमकाने का आरोप।
- जिला पंचायत सदस्य राधा रवि ने अधिकारियों को मामले की जानकारी दी।
- आदिवासी विकास विभाग ने कार्रवाई शुरू की।
- महिला गार्ड को हॉस्टल से हटाने की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी है।
- हॉस्टल में करीब 80 छात्राएं रहती हैं।

