कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में बुधवार को एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। जिला मुख्यालय से लगे ग्राम लारगांव मरकाटोला में एक मादा भालू के हमले में भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों भाई-बहन दो छोटे बच्चों को बचाने के लिए भालू से भिड़ गए थे। घटना के बाद मादा भालू करीब पांच घंटे तक दोनों शवों के पास मंडराती रही, जिसके कारण ग्रामीण भी पास नहीं जा सके।
बच्चों पर हमला करने पहुंचा भालू
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी गौरे जूरी (50) अपने भाई हलाल खैर जूरी (45) और दो छोटे बच्चों के साथ खेत की ओर गए थे। इसी दौरान झाड़ियों से अचानक एक मादा भालू बाहर निकली और बच्चों की ओर बढ़ने लगी।
बच्चों को खतरे में देखकर गौरे जूरी और हलाल खैर जूरी ने उन्हें सुरक्षित स्थान की ओर भगाया और खुद भालू का सामना करने लगे। इसी दौरान पास में मौजूद उनकी बहन खोरीन जूरी (43) भी दोनों को बचाने के लिए दौड़ पड़ी।
भालू के हमले में भाई-बहन की मौत
भालू ने पहले गौरे जूरी और हलाल खैर जूरी पर हमला कर दिया। दोनों गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही दम तोड़ बैठे। हमले के दौरान खोरीन जूरी भी गंभीर रूप से घायल हो गईं। ग्रामीणों की मदद से उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया।
5 घंटे तक शवों के पास डटा रहा भालू
घटना के बाद मादा भालू दोनों शवों के पास ही मंडराती रही। ग्रामीणों ने डर के कारण शवों के करीब जाने की हिम्मत नहीं जुटाई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन भालू लगातार शवों के आसपास घूमता रहा।
करीब पांच घंटे बाद रायपुर से पहुंची विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम ने ट्रैंक्विलाइजर गन की मदद से भालू को बेहोश किया। इसके बाद शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
भालू के बेहोश होने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने किसी तरह भालू को ग्रामीणों के गुस्से से सुरक्षित निकालकर अपने कब्जे में लिया। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया।
मृतकों के परिजनों को मुआवजे की घोषणा
स्थानीय विधायक ने मृतकों के परिजनों को 6-6 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं घायल महिला के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी।
भालू के शावक की मौत से बढ़ी आक्रामकता
वन विभाग के डीएफओ के अनुसार, घटना से एक दिन पहले उसी इलाके में मादा भालू के शावक की मौत हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि शावक की मौत लिवर इंफेक्शन के कारण हुई थी। अधिकारियों का कहना है कि अपने शावक की मौत के बाद मादा भालू बेहद तनाव और बेचैनी में थी। इसी दौरान उसका सामना ग्रामीणों से हुआ और उसने हमला कर दिया।
वन विभाग ने लोगों से जंगल और वन क्षेत्रों में सतर्क रहने तथा अकेले न जाने की अपील की है।

