रायपुर, 15 जुलाई। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बुधवार को विधानसभा परिसर से ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ के तहत मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य गांवों के छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन, 3D प्रिंटिंग, कोडिंग और अन्य आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
गांव-गांव पहुंचेगी मोबाइल टेक्नोलॉजी लैब
यह अत्याधुनिक मोबाइल लैब पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों और सरस्वती शिशु मंदिरों तक पहुंचेगी। यहां छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन संचालन, 3D प्रिंटिंग, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), एयरोमॉडलिंग और ऑगमेंटेड एवं वर्चुअल रियलिटी (AR/VR) जैसी उभरती तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री बोले- ग्रामीण बच्चों को भी मिले आधुनिक शिक्षा का अवसर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए जरूरी है कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक विज्ञान और तकनीक तक समान पहुंच मिले। उन्होंने कहा कि यह मोबाइल लैब छात्रों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, आत्मविश्वास और तकनीकी कौशल विकसित करेगी। साथ ही ग्रामीण बच्चों को भी शहरों के विद्यार्थियों जैसी सीखने की सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने बताया कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की भावना के अनुरूप है।
डॉ. रमन सिंह ने बताया ऐतिहासिक पहल
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम ग्रामीण और शहरी छात्रों के बीच तकनीकी अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि छात्र ड्रोन उड़ाना, रोबोट संचालित करना, 3D मॉडल तैयार करना और नई तकनीकों पर काम करना सीखेंगे, जिससे भविष्य के वैज्ञानिक, इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ तैयार होंगे। उन्होंने इस पहल के लिए पंडरिया विधायक भावना बोहरा की सराहना की।
पहले वर्ष में 5 हजार से अधिक छात्रों को मिलेगा लाभ
मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब के माध्यम से पहले वर्ष में 5,000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। शुरुआती चरण में कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। बाद में इसे अन्य कक्षाओं तक भी विस्तारित किया जाएगा।
तीन से पांच दिन की होगी कार्यशाला
मोबाइल लैब प्रत्येक स्कूल में तीन से पांच दिन की कार्यशाला आयोजित करेगी। पांच प्रशिक्षित विशेषज्ञों की टीम छात्रों को आधुनिक तकनीकों का प्रायोगिक प्रशिक्षण देगी। प्रशिक्षण पूरा करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा।
कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक भावना बोहरा, विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।

