Sion ROB Update: मुंबई में यातायात को सुगम बनाने वाले सायन रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) परियोजना को एक और बड़ा झटका लगा है. रेलवे ट्रैक के ऊपर पहला गर्डर लॉन्च करने के काम में एक बार फिर देरी हो गई है. इस नई देरी के कारण परियोजना की समयसीमा कम से कम एक महीना और आगे खिसक गई है. अब इस पुल को 15 अगस्त, 2026 से पहले यातायात के लिए खोले जाने की संभावना बेहद कम है. करीब एक सदी पुराना यह पुल अगस्त 2024 से ही बंद है, जिसके कारण हजारों यात्रियों को भारी ट्रैफिक जाम और लंबे डायवर्जन का सामना करना पड़ रहा है.
बीएमसी-सेंट्रल रेलवे की आपसी समन्वय में कमी
सायन आरओबी के पुनर्निर्माण का काम बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) और सेंट्रल रेलवे (CR) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है. जहां एक तरफ रेलवे पटरियों के ऊपर पुल का हिस्सा बनाने की जिम्मेदारी सेंट्रल रेलवे की है, वहीं बीएमसी एप्रोच रोड, दो पेडेस्ट्रियन अंडरपास (PUP) और अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रही है. हालांकि, काम शुरू होने के करीब दो साल बाद भी यह प्रोजेक्ट अधूरा है, जिससे पैदल यात्रियों और वाहनों को लंबे चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. यह भी पढ़े: भोपाल का ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज सवालों के घेरे में; 90 डिग्री मोड़ से बढ़ी हादसे की आशंका (See Pics)
क्रेन की व्यवस्था न होना बनी देरी की वजह
सेंट्रल रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रेलवे की ओर से किसी भी तरह की देरी से इनकार किया है. उन्होंने बताया कि बीएमसी के हिस्से का प्रारंभिक काम अभी अधूरा था, जिसके लिए नगर निकाय ने 10 दिन का अतिरिक्त समय मांगा है. अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि ठेकेदार गर्डर-लॉन्चिंग ऑपरेशन के लिए आवश्यक मुख्य क्रेन और स्टैंडबाय क्रेन की व्यवस्था समय पर नहीं कर सका, जिसके कारण इस काम को आगे बढ़ाना पड़ा.
गर्डर लॉन्चिंग का नया शेड्यूल
निकाय अधिकारियों के अनुसार, रेलवे हिस्से पर पहला गर्डर लॉन्च करने की तारीख पहले 30 अप्रैल और फिर संशोधित कर 31 मई तय की गई थी. अब इसमें और देरी हुई है और इसके 10 जून तक पूरा होने की उम्मीद है. इसी तरह, दूसरा गर्डर जो पहले 20 जून को लॉन्च होना था, उसे अब बढ़ाकर 30 जून कर दिया गया है. बीएमसी अधिकारियों का कहना है कि वे अपने हिस्से के काम में तेजी लाकर इस देरी के असर को कम करने का प्रयास कर रहे हैं.
बीएमसी के अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने बताया कि पश्चिमी तरफ की एप्रोच रोड का काम 30 जून तक पूरा होने की उम्मीद है, जबकि पूर्वी तरफ का काम दूसरे गर्डर की लॉन्चिंग के बाद ही शुरू हो सकेगा. इन सभी कार्यों के पूरा होने के बाद 15 अगस्त तक पुल को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा.
स्कूली बच्चों और आम जनता को भारी परेशानी
सायन क्षेत्र से भाजपा कॉर्पोरेटर और शिक्षा समिति की अध्यक्ष राजश्री शिरवाडकर ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि पुल बंद होने से जनता, विशेषकर स्कूली बच्चों को भारी असुविधा हो रही है. बीएमसी को रेलवे के साथ मिलकर काम में तेजी लानी चाहिए ताकि इसे जल्द से जल्द खोला जा सके.
इस बीच, देरी और अतिरिक्त स्टील गर्डर्स व एप्रोच रोड के विकास के कारण इस पुल के निर्माण की लागत भी 42.8 करोड़ रुपये से बढ़कर अब करीब 50 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है.

