Delhi दिल्ली: स्वीडन के गोथेनबर्ग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री’ को संबोधित करते हुए भारत और यूरोप के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोप आज एक नए टर्निंग पॉइंट पर हैं और दोनों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर सहमति बन चुकी है और इसे जल्द लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही सुरक्षा, रक्षा साझेदारी और मोबिलिटी समझौते ने दोनों पक्षों के सहयोग को नई दिशा दी है।
उन्होंने वैश्विक कंपनियों को भारत के तेज़ी से बढ़ते तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र में भागीदार बनने का निमंत्रण दिया। मोदी ने कहा कि भारत में वैक्सीन, डिजिटल हेल्थ, पोषण और मेडिकल उपकरणों के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और ‘डिजाइन इन इंडिया’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया’ मॉडल को आगे बढ़ाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने AI, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और डीप टेक मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भारत की बढ़ती क्षमता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम दुनिया में तीसरे स्थान पर है और यह AI, फिनटेक, स्पेस, ड्रोन, बायोटेक और क्लाइमेट टेक जैसे क्षेत्रों में वैश्विक समाधान दे रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत के पास प्रतिभा, विशाल बाजार, मांग और स्थिरता है, जिससे निवेश के बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं। मोदी ने कहा कि अब समय ‘इरादे’ से ‘निवेश’ की ओर बढ़ने का है। अपने संबोधन में उन्होंने भारत-यूरोप सहयोग को संतुलित, सुरक्षित और सतत वैश्विक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

