पॉलिथीन बैन के बाद भी बिक्री पर हाईकोर्ट सख्त, मुख्य सचिव से मांगा जवाब
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश में पॉलिथीन की बिक्री पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा है कि प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में पॉलिथीन की धड़ल्ले से बिक्री कैसे हो रही है। इस मामले में हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव से विस्तृत जवाब मांगा है और अगली सुनवाई पर इस पर महत्वपूर्ण निर्णय आने की उम्मीद है।
पृष्ठभूमि
पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से सरकार ने प्रदेश भर में पॉलिथीन के उपयोग और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया था। इस प्रतिबंध का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे को कम करना और पर्यावरण को स्वच्छ रखना था। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में पॉलिथीन बैग आसानी से उपलब्ध हैं, जिससे पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
विस्तृत जानकारी
मामले की सुनवाई के दौरान, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया। कोर्ट ने कहा कि प्रतिबंध लागू होने के बावजूद बाजारों में पॉलिथीन की बिक्री जारी रहना सरकारी तंत्र की विफलता को दर्शाता है। न्यायाधीशों ने इस बात पर जोर दिया कि पर्यावरण की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा है और इस पर किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वे इस मामले में उठाए गए कदमों और भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तृत रिपोर्ट पेश करें।
मुख्य बिंदु
- हाईकोर्ट ने पॉलिथीन की बिक्री पर राज्य सरकार को फटकार लगाई।
- प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में पॉलिथीन की उपलब्धता पर सवाल उठाया।
- मुख्य सचिव से विस्तृत जवाब मांगा गया है।
- पर्यावरण संरक्षण को लेकर कोर्ट की गंभीरता स्पष्ट हुई।
प्रभाव और आगे की स्थिति
हाईकोर्ट के इस सख्त रुख से उम्मीद है कि राज्य सरकार पॉलिथीन प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए प्रभावी कदम उठाएगी। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा, बल्कि प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। अगली सुनवाई में कोर्ट के निर्देशों के आधार पर नई नीतियों और नियमों का ऐलान हो सकता है, जो पॉलिथीन के उपयोग को सीमित करने में सहायक सिद्ध होंगे।
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