एजेंसी मंगलवार सुबह उन्हें स्पेशल कोर्ट में पेश करेगी।
West Bengal Municipality Recruitment Scam: कोलकाता। पश्चिम बंगाल के चर्चित नगर पालिका भर्ती घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने टीएमसी के पूर्व मंत्री सुजीत बोस को गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को घंटों चली पूछताछ के बाद उन्हें साल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में ED कार्यालय से हिरासत में लिया गया। एजेंसी मंगलवार सुबह उन्हें स्पेशल कोर्ट में पेश करेगी।
ED का दावा है कि नगर पालिकाओं में भर्ती के बदले मिली रकम से सुजीत बोस ने कई फ्लैट खरीदे। जांच एजेंसी ने इन संपत्तियों को ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ यानी अपराध से अर्जित संपत्ति माना है। साथ ही उनके बैंक खातों में भारी मात्रा में नकद जमा होने के प्रमाण भी मिले हैं।
सोमवार (11 मई 2026) को सुजीत बोस अपने बेटे समुद्र बोस के साथ सुबह करीब 10:30 बजे ED कार्यालय पहुंचे थे। दक्षिण दमदम नगरपालिका में कथित भर्ती अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में उन्हें कई बार तलब किया जा चुका था।
चुनाव के दौरान भी मिले थे नोटिस-
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान भी ED ने सुजीत बोस को कई नोटिस जारी किए थे। छह अप्रैल को नामांकन दाखिल करने के दिन भी उन्हें नोटिस मिला था। इसके बाद उन्होंने चुनावी व्यस्तताओं का हवाला देते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट में पेशी से राहत की मांग की थी। चुनाव समाप्त होने के बाद वे एक मई को भी ED कार्यालय पहुंचे थे।
कई ठिकानों पर छापेमारी-
जांच एजेंसी ने इस मामले में सुजीत बोस और उनके बेटे से जुड़े ठिकानों पर दो बार तलाशी अभियान चलाया। ED अधिकारियों ने उनके आवास, कार्यालय और वीआईपी रोड स्थित बेटे के रेस्टोरेंट सहित कई जगहों पर छापेमारी की। जांचकर्ताओं के मुताबिक, तलाशी के दौरान ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जो मामले में संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं।
1800 से ज्यादा अवैध नियुक्तियों का आरोप-
यह मामला पश्चिम बंगाल की विभिन्न नगर पालिकाओं में 1800 से अधिक कथित अवैध नियुक्तियों से जुड़ा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया में करीब 200 करोड़ रुपये की उगाही की गई। हालांकि, सुजीत बोस ने पहले भी ED की कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया था। उनका कहना था कि उन्हें बदनाम करने के लिए चुनाव के दौरान केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

