समिक भट्टाचार्य (Photo Credits: IANS)
कोलकाता, 6 मई: पश्चिम बंगाल (West Bengal) के राजनीतिक इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है. राज्य के बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य समिक भट्टाचार्य (Samik Bhattacharya) ने बुधवार को घोषणा की कि पश्चिम बंगाल में पहली बीजेपी सरकार (BJP Government) का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जाएगा. इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) भी उपस्थित रहेंगे. यह भी पढ़ें: Bengal CM Race: बंगाल में BJP का ‘मिशन मुख्यमंत्री’, अमित शाह के मानकों पर कौन उतरेगा खरा? दावेदारों की बढ़ी धड़कनें
रवींद्र जयंती के अवसर पर शपथ ग्रहण
समिक भट्टाचार्य ने मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए बताया कि शपथ ग्रहण के लिए 9 मई की तारीख इसलिए चुनी गई है क्योंकि बंगाली कैलेंडर के अनुसार यह दिन गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती का है. यह भव्य समारोह कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा. हालांकि, भाजपा नेतृत्व ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि राज्य के नए मुख्यमंत्री की कमान किसके हाथों में होगी.
प्रशासन के साथ उच्च स्तरीय बैठक
शपथ ग्रहण की तैयारियों को लेकर बुधवार को भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ का दौरा किया. इसमें समिक भट्टाचार्य के साथ भाजपा के केंद्रीय पर्यवेक्षक सुनील बंसल और लोकसभा सांसद ज्योतिर्मय महतो व सौमित्र खान शामिल थे. प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला के साथ बैठक की, जिसमें दो प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई:
- शपथ ग्रहण समारोह की प्रशासनिक तैयारियां.
- राज्य में चुनाव के बाद होने वाली हिंसा को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदम.
हिंसा पर ‘जीरो टॉलरेंस’ का संदेश
चुनाव परिणामों के बाद राज्य के कुछ हिस्सों से हिंसा की खबरें आने के बीच, भाजपा अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं को कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विपक्षी पार्टी के कार्यालयों पर कब्जा करने या ‘प्रतिशोध की राजनीति’ करने वालों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने प्रशासन से भी आग्रह किया कि वे दोषियों के खिलाफ बिना किसी राजनीतिक पक्षपात के कड़ी कार्रवाई करें. यह भी पढ़ें: भवानीपुर चुनाव परिणाम: चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के ‘मतगणना में गड़बड़ी’ के आरोपों को किया खारिज; दावों को बताया आधारहीन
चुनाव आयोग के निर्देश
वर्तमान में राज्य का प्रशासनिक तंत्र चुनाव आयोग (ECI) की निगरानी में है। आयोग ने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) को चुनाव बाद की हिंसा के प्रति शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपनाने का निर्देश दिया है. प्रशासन को सख्त हिदायत दी गई है कि राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं.

