विशेष चेक पोस्ट
के माध्यम से सतत निगरानी रखने तथा गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश भी दिए। बैठक में शहरों एवं नगरीय निकायों में सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की गई। कलेक्टर ने ऐसे स्थानों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समन्वय से पशुओं को सड़कों से हटाने एवं दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
गतिविधियों पर रोक
लगाने हेतु ड्रग कंट्रोलर को नियमित जांच करने तथा आदिवासी विभाग के अधिकारियों के साथ समय-समय पर संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने एनकार्ड की बैठक में जिले को नशामुक्त बनाने के लिए आवश्यक रणनीति पर चर्चा की और स्वापक तथा मनरू प्रभावी पदार्थों के नियंत्रण के लिए प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नशा मुक्ति केंद्रों में संचालित गतिविधियों एवं भर्ती व्यक्तियों की जानकारी भी ली तथा व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए । इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक डीपी ठाकुर, जिला परिवहन अधिकारी रविंद्र ठाकुर, पीडब्लूडी के कार्यपालन अभियंता रामेश्वर सिंह सहित नशा मुक्त केंद्र के कर्मचारी सहित अन्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

