जगदलपुर। CG NEWS : राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान सह राष्ट्रीय शैक्षिक संप्रवाह कार्यक्रम के अंतर्गत बस्तर जिले के छः शिक्षकों सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के 160 नवाचारी शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिये सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, अंडमान-निकोबार, पंजाब, दिल्ली एवं राजस्थान के शिक्षकों द्वारा नवाचारी गतिविधियों की लाइव प्रस्तुतियां भी दी गईं।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर के उप सचिव डॉ. बी. रघु सर ने कहा कि – “गुणात्मक लब्धियों को लक्ष्य बनाकर कार्य करें”। उन्होंने कहा कि विजन, मिशन और लक्ष्य को सीढ़ी बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है तथा कार्य में आत्मसंतुष्टि होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नवाचारों में सामुदायिक सहभागिता को शामिल करने पर जोर दिया।


समग्र शिक्षा रायपुर के उप संचालक ए. के. सारस्वत ने अपने उद्बोधन में कहा कि विभाग नवाचारी शिक्षकों के मजबूत स्तंभ पर खड़ा है और नवाचार की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती। डीईओ हिमांशु भारती ने कहा कि यह समूह केवल नवाचारी ही नहीं बल्कि परिवर्तनकारी भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम को डीएमसी रायपुर अरुण शर्मा एवं प्राचार्य सुचिता पाण्डेय ने भी संबोधित किया।
नवाचारी शिक्षक अंजना सिंह एवं सुनीता ठाकुर मैडम ने कार्यक्रम एवं नवाचारी गतिविधियां समूह के कार्यों की जानकारी दी। समूह के वरिष्ठ सदस्यों ने बताया कि यह शासकीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का स्वप्रेरित समूह है, जो विगत 5 वर्षों से इस प्रकार के आयोजन कर रहा है और संसाधनों की व्यवस्था स्वयं करता है। इस समूह से देशभर के शिक्षक जुड़े हुए हैं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में समूह प्रमुख संजीव कुमार सूर्यवंशी सहित बस्तर जिला टीम से मनीष कुमार अहीर, रियाज अली, मोहम्मद अकबर, यामिनी नागे, रितु रजवाड़े, बबीता मोटवानी, दीपक मौर्य, दीपक यादव, कमलेश्वर दास सहित अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
बस्तर जिले से लिलेश देवांगन, डॉ. तुला दास मानिकपुरी, राजेश देशमुख, नागेश दास, सुमिता नायडू, ममता नेताम एवं कल्पना राय सहित चयनित शिक्षकों को मुख्य अतिथि द्वारा उत्कृष्ट नवाचार के लिए सम्मानित किया गया।
इस दौरान दुर्ग के पवन सिंह सर ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर महत्वपूर्ण जानकारी दी, वहीं राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षिका प्रज्ञा सिंह ने गणित टीएलएम पर अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम के अंत में नवाचारी गतिविधियां समूह भारत के प्रमुख संजीव सूर्यवंशी ने सभी शिक्षकों से समूह से जुड़कर अपने नवाचार साझा करने की अपील की, ताकि एक-दूसरे से सीखने की प्रक्रिया निरंतर चलती रहे। बस्तर एडमिन टीम के मनीष अहीर एवं मीडिया प्रभारी नीलमणि साहू ने बताया कि शिक्षक लगातार नवाचारी गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।


