Lucknow लखनऊ: महिला आरक्षण को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद जगदंबिका पाल ने विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिलने से रोकना चाहते हैं।
जगदंबिका पाल ने कहा कि वर्ष 2023 में संसद में महिला आरक्षण विधेयक पारित किया गया था, जिसके तहत महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार की मंशा साफ थी और यह कानून 2029 तक लागू होना था, लेकिन विपक्ष के रवैये से इसके लागू होने में बाधा उत्पन्न हो रही है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह महिलाओं के साथ विश्वासघात है। पाल ने कहा कि जब सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है, तब विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर टालने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की महिलाएं इस मुद्दे को समझती हैं और समय आने पर उचित जवाब देंगी।
भाजपा सांसद के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्षी दलों की ओर से इस पर तीखी प्रतिक्रिया आने की
संभावना है। इससे पहले भी महिला आरक्षण के मुद्दे पर संसद से लेकर सड़कों तक बहस होती रही है। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देशभर में लंबे समय से मांग उठती रही है। इस कानून के लागू होने से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

