रांची: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रांची जोनल कार्यालय ने कोयला परिवहन में रिश्वतखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के अधिकारी संजीव कुमार सिंह, उनकी पत्नी पूनम देवी, भाई गोपाल कुमार और कोयला कारोबारी राहुल कुमार के खिलाफ विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया है।
ईडी के मुताबिक, संजीव कुमार सिंह बरका सयाल क्षेत्र में सुरक्षा प्रभारी के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान उन्होंने अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल करते हुए एक निजी कोयला ट्रांसपोर्टर से करीब 5 लाख रुपये की घूस ली। यह रकम सीधे उनकी पत्नी पूनम देवी के बैंक खाते में भेजी गई थी।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि पूनम देवी के खाते में करीब 4.46 लाख रुपये नकद जमा किए गए, जिनका कोई स्पष्ट स्रोत नहीं बताया जा सका। एजेंसी का कहना है कि इस खाते का इस्तेमाल अवैध धन को छिपाने के लिए किया गया।
मामले में एक और खुलासा यह हुआ कि पूनम देवी ने 4 लाख रुपये अपने देवर गोपाल कुमार के खाते में ट्रांसफर किए। इसके बाद गोपाल ने इस राशि को नकद निकासी, अन्य खातों में ट्रांसफर करने और अपनी गाड़ी की ईएमआई चुकाने में खर्च कर दिया।
ईडी ने अब तक आरोपियों के खातों में मौजूद कुल 9.46 लाख रुपये जब्त कर लिए हैं। एजेंसी ने अदालत को बताया कि सरकारी पद का दुरुपयोग कर अवैध रूप से धन अर्जित किया गया और उसे अलग-अलग खातों के जरिए छिपाने की कोशिश की गई। यह कार्रवाई पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले के आधार पर की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की कार्रवाई से सरकारी पदों के दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

