Bilaspur. बिलासपुर। दो साल पुराने नकबजनी के मामले में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी की पत्नी झुनिया बाई उर्फ शांति को गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, महिला दो साल से फरार चल रही थी और बनियाडीह क्षेत्र में घूमती मिली। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया और जेल भेज दिया। यह मामला 8 दिसंबर 2023 का है। ग्राम कुकदा की निवासी मनीषा कांनगो ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि उस रात उनके माता-पिता अनिल कांनगो और गोंदा बाई कांनगो के घर झाड़-फूंक के लिए जनक राम सौंरा और उसकी पत्नी झुनिया बाई आए थे। झाड़-फूंक के बहाने उन्होंने पेटी में रखे नगद 50 हजार रुपए, चांदी के पायल, सोने-चांदी के गहने और अंगूठियां चोरी कर ली थीं। पीड़ितों के अनुसार, महिला और उसके पति झाड़-फूंक के नाम पर नींबू लगाने के लिए भेजे गए और इसी दौरान चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। चोरी की गई संपत्ति की कीमत लगभग 60 हजार रुपए बताई गई है।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपी जनक राम सौंरा की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। उसकी पत्नी झुनिया बाई लंबे समय से फरार थी और जाली जमीन-जायदाद बेचकर भाग गई थी। फरार रहने के दौरान महिला ने कई जगह छुपकर अपना ठिकाना बनाया था, जिससे पुलिस उसे पकड़ने में असमर्थ रही थी। हालांकि, 14 मार्च को मुखबिर की सूचना मिली कि झुनिया बाई बनियाडीह क्षेत्र में दो अन्य महिलाओं के साथ घूम रही है। इस सूचना पर पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर महिला को पकड़ लिया। प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने अपना नाम और पता छुपाने की कोशिश की, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपनी पहचान झुनिया बाई उर्फ शांति पत्नी स्व. जनक राम सौंरा निवासी जाली, मुकाम चकरभाठा सौरा मोहल्ला के रूप में दी।
सीपत पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि झुनिया बाई के फरार रहने के दौरान जाली दस्तावेजों और जमीन-जायदाद के लेन-देन की जांच भी की जा रही है। इससे यह साफ होता है कि फरार आरोपी केवल चोरी की घटना तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि अवैध गतिविधियों में भी शामिल रही। पुलिस सूत्रों ने बताया कि झुनिया बाई की गिरफ्तारी से दो साल पुरानी चोरी की घटना के मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। अब महिला से पूछताछ के बाद अन्य विवरण सामने आने की संभावना है, जिससे मामले की पूरी गुत्थी सुलझाई जा सकेगी। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान महिला के सहयोग से अन्य संभावित accomplices की भी पहचान की जाएगी।
इस कार्रवाई से बिलासपुर पुलिस की अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्धता उजागर होती है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि मुखबिर की सूचना पर ही यह गिरफ्तारी संभव हो पाई, जिससे आम नागरिकों से पुलिस से सहयोग और सूचना साझा करने की अपील की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार पूरे क्षेत्र में नजर रखे हुए है और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश जारी है। सीपत थाना अधिकारी ने बताया कि झुनिया बाई के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के साथ-साथ उसके द्वारा की गई अन्य अवैध गतिविधियों की भी जांच की जाएगी। इस पूरे मामले में स्पष्ट है कि दो साल पुरानी चोरी की वारदात के फरार आरोपी को पकड़ना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन लगातार जांच, मुखबिर की सूचना और सतर्कता के कारण यह संभव हुआ। अब इस गिरफ्तारी के बाद दो साल पुरानी घटना के पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है और बिलासपुर में अपराध नियंत्रण की दिशा में यह एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

