नई दिल्ली: नई दिल्ली में आयोजित हुई एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन को लेकर बवाल जारी है। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को मंगलवार को चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया। वहीं, इस प्रदर्शन पर देश के पूर्व नौकरशाहों और पूर्व सैन्य अधिकारियों ने कड़ी आपत्ति जताई है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा, “20 फरवरी को दिल्ली के भारत मंडपम में जो प्रदर्शन किया गया है, वह बेहद ही शर्मनाक है। प्रदर्शनकारियों ने सारी हदें पार कर दीं। कुछ लोग उनको क्रांतिकारी बता रहे हैं, लेकिन जब भारत मंडपम में एआई समिट जो कि भारत की छवि को बेहतर करने के लिए किया जा रहा था और इससे पूरी दुनिया में भारत की एक अलग पहचान बन रही थी, तो उस दौरान इस तरीके का प्रदर्शन करना गलत था।”
उन्होंने कहा, “जब समिट में करोड़ों रुपए का निवेश यहां पर होगा और करोड़ों रुपए लगाकर इस तरीके के कार्यक्रम कराए जा रहे हैं तो ऐसे में इस तरीके के प्रदर्शन की कोई जरूरत नहीं थी। इस मामले में पुलिस की तरफ से कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। जो लोग इस तरीके के प्रदर्शन कर रहे हैं, उनके खिलाफ पुलिस और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”
पूर्व डीजीपी अरविंद कुमार जैन ने कहा, “कानूनी नियमों की कोई कमी नहीं है। यह एक प्लान किया हुआ काम था, और यह इवेंट उसी प्लानिंग के हिसाब से किया गया था। मेरा मानना है कि सिक्योरिटी के लिए तैनात पुलिस फोर्स को इसमें शामिल लोगों की पहचान करने के बाद तुरंत उन सभी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लेना चाहिए था। बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों के जवान मौजूद थे, इसलिए यह साफ नहीं है कि सिर्फ चार लोगों को ही क्यों गिरफ्तार किया गया।”
जैन ने कहा, “कई प्रोग्राम और कई तरीके और हैं, जिनसे कोई अपनी असहमति या प्रोटेस्ट कर सकता है, लेकिन ऐसे बड़े ग्लोबल इवेंट्स में रुकावट डालना, जहां कई देशों के प्रेसिडेंट और बड़ी कंपनियों के सीईओ को बुलाया गया था, जहां कई इनोवेशन दिखाए जा रहे हैं, और बड़े-बड़े स्टॉल लगाए जा रहे हैं, जहां ऐसे प्रदर्शन मंजूर नहीं हैं।”
जैन ने कहा, “हां, बिल्कुल। विदेशी देशों और बड़ी कंपनियों के कई टॉप सीईओ ने भारत में डेटा सेंटर बनाने और अपने इन्वेस्टमेंट को बढ़ाने के प्लान की घोषणा की है। इसने भारत को इंटरनेशनल लेवल पर एक उभरते हुए एआई प्लेयर के तौर पर जगह दिलाई है। यह एक बहुत ही चौंकाने वाली और शर्मनाक घटना है, जिसने विदेशियों और दुनिया के कई हिस्सों में भारत की इमेज खराब की है। ऐसा दिखाना पूरी तरह से गलत है।”
जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा, “आए दिन लोग सरकार के खिलाफ क्या-क्या बोलते रहते हैं, उसे एक बार को फ्रीडम ऑफ स्पीच कहा जा सकता है, लेकिन एआई समिट में जो औछी हरकत हुई है, वह देश की छवि खराब करती है। जो वे बात बोल रहे हैं कि युवाओं को रोजगार नहीं है। ऐसे में एआई समिट होने से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ेगा, जिससे पढ़े-लिखे युवाओं को फायदा ही होगा। जिन्हें प्रदर्शन करना है, वह प्रदर्शन करें, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐसी हरकत करना भारत के खिलाफ साजिश को दिखाता है।”
उन्होंने आगे कहा, “यूथ कांग्रेस ने जो किया, भले ही उनकी पार्टी के नेता इसका बचाव कर रहे हों, लेकिन हमें यह सोचना चाहिए कि हम ऐसा कोई भी काम न करें, जिससे देश की छवि खराब हो और देश के बारे में दुनिया के लोगों में गलत धारणा बनें। जब आप खुद इस देश के बारे में बोलना शुरू करेंगे, तो जनता खुद आपको पावर देगी। वहीं, जब आप ऐसी हरकत करेंगे, तो दूर-दूर तक सत्ता में आने का सपना छोड़ दीजिए।”
इसके अलावा एसपी वैद ने कहा, “कल की घटना एक बड़ी कामयाबी है—सैफुल्ला और उसके दो साथियों का मारा जाना। मैं पुलिस टीम, पैरा यूनिट, नगरोटा कोर, डेल्टा फोर्स और सीआरपीएफ के जवानों को बधाई देता हूं। यह ऑपरेशन बहुत मुश्किल इलाके में किया गया।”
उन्होंने कहा कि जब से मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश आया है, वहां युवाओं के विरोध प्रदर्शन और तेज हो गए हैं। बता दें कि पटियाला कोर्ट ने मंगलवार को यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया, जिसको लेकर कांग्रेस हमलावर है और सत्ताधारी एनडीए सरकार पर जानबूझकर तानाशाही रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगा रही है।

