बिलासपुर। Bilaspur Robbery Case: बिलासपुर में सराफा व्यवसायी पर जानलेवा हमला कर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले चारों आरोपियों को छत्तीसगढ़ लाने की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) की अदालत ने शुक्रवार शाम आरोपियों का प्रोडक्शन रिमांड मंजूर कर लिया। इसके बाद बिलासपुर पुलिस टीम आरोपियों को लेकर रवाना हो चुकी है और शनिवार देर शाम या रात तक उनके बिलासपुर पहुंचने की संभावना है।

गौरतलब है कि गिरफ्तारी के दौरान मिर्जापुर के अहरौर क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ हुई थी, जिसमें दो आरोपियों के पैर में गोली लगी थी। इस शॉर्ट एनकाउंटर के बाद मिर्जापुर पुलिस ने हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और लूट का माल रखने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया था। इसी वजह से आरोपियों को छत्तीसगढ़ लाने के लिए अदालत से प्रोडक्शन रिमांड लेना अनिवार्य हो गया था।
सीएसपी निमितेश सिंह अपनी टीम के साथ यूपी में डटे रहे और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बनाकर जरूरी दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कराई। बिलासपुर से विवेचक और आवश्यक कागजात मंगवाए गए, जिसके बाद अदालत से रिमांड स्वीकृत हो सका।
इस सनसनीखेज लूट की घटना के बाद पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ी सफलता हासिल की थी। आईजी रामगोपाल गर्ग के निर्देशन में रेंज स्तर पर नाकेबंदी कराई गई और वैज्ञानिक जांच के आधार पर आरोपियों को ट्रेस किया गया। उरतुम गांव से लूटी गई गाड़ी बरामद की गई और पूरा माल भी रिकवर कर लिया गया।
अब आरोपियों को बिलासपुर लाकर स्थानीय रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में गिरोह की कार्यप्रणाली, अन्य राज्यों से जुड़े नेटवर्क और क्षेत्र में हुई अन्य वारदातों को लेकर महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।


