राजिम। Rajim Kumbh Kalp 2026: आस्था, संस्कृति और आध्यात्म का विराट संगम बन चुके राजिम कुंभ कल्प 2026 के मुख्य मंच पर बीती शाम सुरों की ऐसी अविरल धारा बही कि श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे। भक्ति और सूफी संगीत का अद्भुत संगम देखते ही बना। सुप्रसिद्ध कलाकार संतोष कुमार सिन्हा और नन्ही प्रतिभा आन्या सिन्हा की जुगलबंदी ने कुंभ की इस शाम को अविस्मरणीय बना दिया।
नन्ही आन्या के भजनों ने जीता सबका मन

कार्यक्रम की शुरुआत आन्या सिन्हा की मधुर और निश्छल आवाज से हुई। जैसे ही उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय भजन “अच्युतम केशवम” गाया, पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके बाद “कीजो केसरी के लाल” की प्रस्तुति ने वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। उनकी मासूम मुस्कान और सुरों की सादगी ने हर श्रोता के हृदय को छू लिया। श्रद्धालु देर तक भक्ति रस में डूबे रहे।

सूफी गायकी और शायरी का अनूठा संगम
शाम को और अधिक रूहानी रंग दिया संतोष कुमार सिन्हा ने। अपनी विशिष्ट सूफी शैली में उन्होंने प्रेम, भाईचारे और आध्यात्म का संदेश दिया। गायन के बीच-बीच में पेश की गई उनकी प्रभावशाली शायरी ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।
सूफी गीतों की प्रस्तुति के दौरान पूरा परिसर एक साथ झूमता नजर आया, मानो सुरों के साथ आत्मा का भी मिलन हो रहा हो।
राजिम कुंभ कल्प 2026 की यह सांस्कृतिक संध्या न केवल संगीत प्रेमियों के लिए, बल्कि हर श्रद्धालु के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव बन गई। भक्ति और सूफी सुरों का यह संगम लंबे समय तक लोगों के मन में गूंजता रहेगा।



